e-Zero FIR। साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में ई-जीरो एफआईआर की व्यवस्था को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति समीक्षा बैठक में राज्यों के अधिकारियों को इस तकनीकी ढांचे को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है e-Zero FIR
आमतौर पर किसी भी अपराध की एफआईआर उसी पुलिस थाने में दर्ज होती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में घटना हुई हो, लेकिन e-Zero FIR, बिना क्षेत्राधिकार की परवाह किए किसी भी थाने में केस दर्ज किया जा सकता है, जिसे जीरो एफआईआर कहा जाता है, लेकिन जब इस व्यवस्था को डिजिटल या ऑनलाइन रूप दिया जाता है, तो उसे ई-जीरो एफआईआर कहते हैं. फिलहाल, यह प्रणाली वर्तमान में 9 राज्यों में पूरी तरह से लागू है।
ऐसा होगा इसका लाभ
e-Zero FIR से शिकायतकर्ता को सीधा लाभ मिलता है. चूंकि साइबर अपराध में शुरुआती 1 से 3 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. एकीकृत नए सिस्टम के जरिए एफआईआर तुरंत दर्ज होने से उन बैंक खातों को फौरन फ्रीज किया जा सकेगा, जिसमें पैसे अपराधियों द्वारा ट्रांसफर कराए जाते हैं, इससे शिकायतकर्ता के पैसे डूबने से बच सकते हैं।
e-Zero FIR क्या है और कैसे काम करेगी?
क्षेत्राधिकार की बाध्यता खत्म- इस व्यवस्था के तहत, यदि आपके साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो आप देश के किसी भी कोने से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस शिकायत को ज़ीरो नंबर देकर दर्ज करेगी।
त्वरित कार्रवाई- साइबर अपराध में पैसे की रिकवरी के लिए शुरुआती कुछ घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यह सिस्टम बिना समय गंवाए जांच शुरू करने और धोखाधड़ी वाली राशि को तुरंत फ्रीज करने में मदद करता है।
ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज की गई उच्च-मूल्य वाली शिकायतों को स्वचालित रूप से ज़ीरो एफआईआर में बदल दिया जाता है।
हेल्पलाइन नंबर- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 डायल करें। आधिकारिक पोर्टल,, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें।




