MP: महाकाल मंदिर में AI से बना फर्जी VIP पास लेकर घुसने की कोशिश, तीन हिरासत में

Mahakal Mandir AI-based Pass: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में AI Tool की मदद से तैयार किए गए कथित फर्जी VIP Pass के जरिए प्रवेश करने की कोशिश का मामला सामने आया है। भोपाल के एक युवक और उसके दो नाबालिग साथियों को सुरक्षा जांच के दौरान हिरासत में लिया गया। जांच में पास फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस घटना ने मंदिर की Digital Security और VIP Pass Verification व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Mahakal Mandir AI-based Pass: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने का एक मामला सामने आया है। भोपाल से आए एक युवक ने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Tool) की मदद से VIP Pass जैसा दिखने वाला फर्जी प्रवेश पत्र तैयार किया और उसी के आधार पर मंदिर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान उनकी चालाकी पकड़ी गई और तीनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

सुरक्षा जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों को पास पर “गर्भगृह दर्शन (Garbhagriha Darshan)” लिखा देखकर संदेह हुआ, क्योंकि पिछले करीब ढाई वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके बाद पास पर मौजूद Barcode Verification और अन्य विवरणों की जांच की गई, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाया गया। जांच के बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

AI टूल से तैयार किया था फर्जी पास

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी की पहचान भरत उइके (19), निवासी कोलार रोड, भोपाल के रूप में हुई है। उसके साथ दो नाबालिग भी थे। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने मंगलवार दोपहर AI Tool की सहायता से VIP पास की तरह दिखने वाला फॉर्मेट तैयार किया था, ताकि आसानी से मंदिर में प्रवेश मिल सके।

मुख्य आरोपी पर कार्रवाई, नाबालिगों का मामला अलग

पुलिस ने भरत उइके के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (Preventive Action) की है। वहीं, उसके साथ मौजूद दोनों नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों को सामान्य श्रद्धालुओं की कतार से बाबा महाकाल के दर्शन भी कराए गए।

डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद महाकाल मंदिर की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली (Digital Security System) और VIP Pass Verification प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि Artificial Intelligence (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का दुरुपयोग बढ़ने की संभावना को देखते हुए संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर Digital Verification System को और अधिक सुरक्षित और उन्नत बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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