India UK Free Trade Agreement Benefit: भारत और यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement – FTA) मंगलवार, 15 जुलाई से लागू हो गया है। इस समझौते के बाद भारत में ब्रिटेन से आने वाली कई वस्तुएं सस्ती होंगी, जबकि भारत के अधिकांश उत्पाद बिना आयात शुल्क (India UK Zero Tariff Goods) के ब्रिटेन पहुंच सकेंगे।
करीब तीन साल तक चली 14 दौर की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। अब इसके लागू होने के साथ दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार (India UK Bilateral Trade) 2030 तक बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?
इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाले सामान पर औसत टैरिफ 15% से घटकर करीब 3% रह जाएगा। अगले 10 वर्षों में 85% ब्रिटिश उत्पाद पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगे।
1. स्कॉच व्हिस्की और जिन (UK Imported Scotch Whisky & Gin)
ब्रिटेन से आने वाली स्कॉच व्हिस्की और जिन पर आयात शुल्क 150% से घटाकर 75% कर दिया गया है। अगले दस वर्षों में यह घटकर 40% रह जाएगा। इससे प्रीमियम स्कॉच की कीमतों में अच्छी-खासी कमी आने की उम्मीद है।
2. लग्जरी कारें (UK Imported Luxury Cars)
Jaguar Land Rover, Rolls-Royce जैसी ब्रिटिश लग्जरी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क कोटा व्यवस्था के तहत 100% से घटकर 10% तक आ जाएगा। इससे इन कारों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
3. ब्यूटी और मेडिकल प्रोडक्ट्स
ब्रिटेन से आने वाले कॉस्मेटिक्स (Cosmetics), मेडिकल डिवाइस (Medical Devices), एयरोस्पेस पार्ट्स (Aerospace Parts) और अन्य प्रीमियम उत्पाद भी पहले की तुलना में सस्ते मिलेंगे।
4. फैशन और फूड प्रोडक्ट्स
ब्रांडेड कपड़े, फुटवियर, होमवेयर, चॉकलेट, बिस्किट, सैल्मन, लैंब और अन्य खाद्य उत्पादों पर भी शुल्क घटने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
भारतीय उद्योगों को क्या फायदा होगा?
भारत के 99% उत्पाद अब ब्रिटेन में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जा सकेंगे। इससे कई क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
टेक्सटाइल सेक्टर (Textile Industry)
भारतीय कपड़ों, होम टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स पर पहले लगने वाला 8-12% आयात शुल्क समाप्त हो जाएगा। इससे तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे प्रमुख निर्यात केंद्रों को बड़ा फायदा मिलेगा।
ज्वेलरी और लेदर (Jewellery & Leather)
भारत से जाने वाले आभूषण, बैग, जूते और चमड़े के अन्य उत्पाद अब बिना अतिरिक्त शुल्क के ब्रिटेन पहुंच सकेंगे। इससे MSME और निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स (Engineering & Auto Components)
भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग उपकरण और ऑटो पार्ट्स पर ब्रिटेन ने आयात शुल्क समाप्त कर दिया है। इससे पुणे, चेन्नई और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को निर्यात बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
फार्मा और मेडिकल सेक्टर (Pharmaceuticals)
भारतीय दवा कंपनियों को ब्रिटेन में जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मिलेगी। इससे भारतीय दवाओं की ब्रिटेन के स्वास्थ्य तंत्र में पहुंच आसान होगी।
चाय, मसाले और समुद्री उत्पाद
बासमती चावल, चाय, मसाले और झींगा जैसे समुद्री उत्पादों पर भी ब्रिटेन का आयात शुल्क खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल के निर्यातकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रीन एनर्जी और केमिकल सेक्टर
यह समझौता ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen), सोलर एनर्जी (Solar Energy), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशलिटी केमिकल्स में निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देगा।




