दिल्ली। 6 सितंबर 2026 की दोपहर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में हुई, जहाँ एक 5 मंजिला बॉयज पीजी (हॉस्टल) की इमारत भरभराकर ढह गई। इस भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले दो होनहार छात्रों की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। ये वो छात्र है जो अपने भविष्य के सपनों की उड़ान लेकर देश की राजधानी दिल्ली पहुचे थें और उस इमारत में रह रहे थे, जिसकी नींव हिल गई और बिल्डिग मलवे में तब्दील हो गई।
छात्रों की हुई पहचान
दिल्ली में भवन गिरने से जिन 7 छात्रों की मौत हुई है उनमें कटनी के रहने वाले 18 साल के अक्षत यादव भी थे। अक्षत दिल्ली विश्वविद्यायल में पढ़ाई कर रहा था। परिवार का एक 18 साल का लड़का पढ़ाई करने के लिए दिल्ली जाता है और फिर अचानक परिवार को उसकी मौत की खबर मिलती है। अक्षत की मौत की खबर जैसे ही कटनी में उनके परिवार को मिली, वहां मातम पसर गया। परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
दूसरा छात्र अर्पित है, यह छात्र मध्य प्रदेश के देवास (बजरंग नगर) का रहने वाला था। अर्पित दिल्ली के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से बीकॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह रक्षाबंधन मनाने अपने घर गया था और हादसे से महज कुछ घंटे पहले ही ट्रेन से दिल्ली वापस लौटा था। अर्पित के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। अर्पित की मां बार-बार बेसुध हो रही हैं और रोते हुए कह रही हैं कि काश अर्पित अपनी बहन की बात मानकर एक दिन और घर पर रुक जाता, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।
- अर्पित जाज: यह छात्र मध्य प्रदेश के देवास (बजरंग नगर) का रहने वाला था। अर्पित दिल्ली के आत्माराम सनातन धर्म (ARSD) कॉलेज से बीकॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह रक्षाबंधन मनाने अपने घर गया था और हादसे से महज कुछ घंटे पहले ही ट्रेन से दिल्ली वापस लौटा था।
- अक्षत यादव: यह छात्र मध्य प्रदेश के कटनी का रहने वाला था और दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष का छात्र था।




