तम्बाकू दिवस। तम्बाकू दिवस में लोगो को इसके दुष्प्रभाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी आंकड़े चौकाने वाले है, क्योकि मध्यप्रदेश में लगभग 30-40 प्रतिशत वयस्क (15 वर्ष और उससे अधिक आयु के) किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार मध्य प्रदेश में 40 प्रतिशत आबादी (15 वर्ष से अधिक) तम्बाकू का उपयोग करती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के ओरल हेल्थ सर्वेक्षण के अनुसार, प्रदेश में लगभग 15 में से 1 बच्चा (12 वर्ष की उम्र में) तंबाकू (मुख्य रूप से गुटखा) का सेवन कर रहा है।
बीमारी में तम्बाकू बन रही वजह
रीवा संभाग (रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज) के लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सर्वेक्षणों के अनुसार, यहाँ तम्बाकू जनित मरीजों (विशेष रूप से कैंसर, हाइपरटेंशन और हृदय रोग) का प्रतिशत इसी दर के अनुरूप या उससे अधिक है। रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों, ब्लड प्रेशर और मुंह के कैंसर के मामलों में तम्बाकू की लत मुख्य वजहों में से एक है। तम्बाकू की लत छोड़ने और इसके दुष्प्रभावों की सलाह के लिए मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जाता है। रीवा के जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भी तंबाकू नशामुक्ति केंद्र की सुविधा उपलब्ध है।

क्यों घातक है तम्बाकू
तंबाकू में निकोटीन जैसे घातक रसायन होते हैं, जो फेफड़ों के कैंसर, दिल का दौरा, स्ट्रोक, सीओपीडी और मुंह व गले के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बनते हैं। यह पाचन तंत्र को कमजोर करता है और महिलाओं में गर्भधारण को भी प्रभावित करता है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, वातस्फीति (एम्फीसेमा) और अस्थमा जैसी फेफड़ों की बीमारियाँ होती हैं। रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू त्वचा की उम्र को जल्दी बढ़ाता है और बालों के झड़ने का कारण बनता है। दांत पीले हो जाते हैं, मसूड़े कमजोर होकर सिकुड़ने लगते हैं और सांसों से बदबू आती है।
गर्भावस्था और परिवार पर असर
गर्भावस्था के दौरान तंबाकू के सेवन से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है और जन्म लेने वाले बच्चे के मानसिक विकास में बाधा आती है। धूम्रपान करने वाले के धुएं से आस-पास के परिवार वाले भी प्रभावित होते हैं और उन्हें भी कैंसर व अस्थमा का खतरा रहता है।
डब्लूएचओं से ले सलाह
तंबाकू की आदत व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर और आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाती है। यदि आप या आपके परिचित तंबाकू की लत छोड़ना चाहते हैं, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लें। आप विश्व स्वास्थ्य संगठन के माध्यम से तंबाकू छोड़ने के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।




