एमपी से तीन राज्यसभा सीटों को लेकर हलचल, बीजेपी उम्मीदवारों ने भरा फार्म, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है। इसके लिए बीजेपी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिए है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिये है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेंमत खंडेलवाल समेत पार्टी के लोग मौजूद रहें।

तीसरी सीट पर सब की नजर

बीजेपी के जिस तरह से विधायक है उस हिसाब अब तीसरे प्रत्याशी को लेकर सब की नजर है, इसी बीच कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गया है। ऐसे में भाजपा के लिए तीसरी सीट पर रणनीति बनाने की संभावनाएं और बढ़ गई हैं।

कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर

विधायकों की बहुमत को देखते हुए बीजेपी के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि तीसरे उम्मीदवार के 7 विधायकों की जरूरत होगी, ऐसे में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है, दरअसल विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 57 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 50 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त सात वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका और भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

राज्यसभा चुनाव की पूरी तस्वीर और इसका समीकरण कुछ इस प्रकार है:

उम्मीदवार और नामांकन:

  • भाजपा: पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। [1]
  • कांग्रेस: कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया है। [1, 2]

विधानसभा का गणित:

  • मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। [1]
  • एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। [1, 2]
  • भाजपा के पास 164 विधायक हैं। संख्या बल के आधार पर उनकी दो सीटों पर जीत पूर्णतः तय है। [1, 2]
  • कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं, लेकिन राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने और मुकेश मल्होत्रा के चुनाव रद्द होने से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 रह गया है। [1, 2, 3]

कांग्रेस की रणनीति:
कांग्रेस के पास 60-62 विधायकों का समर्थन होने से अपनी एक सीट निकालना आसान लगता है। हालांकि, हालिया अन्य राज्यों के चुनावों को देखते हुए पार्टी को क्रॉस वोटिंग का बड़ा डर सता रहा है। मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी के भीतर भी असंतोष के सुर उठे हैं, जिसके कारण कांग्रेस ने भोपाल में अपने विधायकों की आपातकालीन बैठक बुलाई है। दूसरी ओर, भाजपा यदि कोई तीसरा उम्मीदवार उतारती है या किसी निर्दलीय को समर्थन देती है, तो मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।

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