रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सिरमौर तहसील के क्योंटी (रोझौंहीं) में टाटा एनर्जी द्वारा 28,000 करोड़ के निवेश से देश का पहला निजी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट 220 एमडब्लू से शुरू होकर 2400 एमडब्लू तक बिजली उत्पादन करेगा।
2400 मेगावॉट बिजली का उत्पादन, 5000 लोगो को रोजगार
इस पावर प्लांट के लिए मप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण 169 हेक्टेयर जमीन आवंटित करेगा। प्लांट में पहले 220 मेगावॉट बिजली बनेगी। बाद में 1000 मेगावॉट और आगे 2400 मेगावॉट बिजली उत्पादन होगा। इससे 5 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
पहले सोलर पैनल के लिए चिहिंत हुई थी जमीन
जिस क्योटी की बंजर जमीन में न्यूक्लिर पांवर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। उसमें पहले सोलर पैनल पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन उबड़-खाबड़ जमीन होने के चलते यह प्रोजेक्ट रूक गया और अब उक्त जमीन पर टाटा गु्रर्प न्यूक्लियर पॉवर प्लांट लगाने के लिए 28000 करोड़ का निवेश करने जा रहा है।
बैठक में तय हुई रूप रेखा
इस पॉवर प्लांट को लेकर एक तैयारी बैठक हाल ही में हुई है। जिसमें एपमी के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, कलेक्टर रघुवंशी, टाटा समूह के प्रतिनिधी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
जाने इसके लाभ
देश का पहला प्राइवेट प्रोजेक्टः अब तक केवल सरकारी कंपनियों के पास न्यूक्लियर प्लांट का मालिकाना हक था, यह निजी क्षेत्र का पहला प्लांट होगा।
बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरताः शुरुआत में 220 एमडब्ल और आगे 2400 एमडब्ल तक बिजली का उत्पादन होगा, जिससे क्षेत्र में बिजली की कमी दूर होगी।
रोजगार के बड़े अवसरः इस परियोजना से लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
क्षेत्रीय विकासः 28,000 करोड़ का बड़ा निवेश क्षेत्र के औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।
स्वच्छ ऊर्जाः यह सोलर के बाद रीवा की पहचान को एक ’सोलर सिटी’ से ’न्यूक्लियर हब’ के रूप में मजबूत करेगा।
