रीवा: विंध्य क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्थानीय नवीन सर्किट हाउस में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में घोषणा की कि टाटा एनर्जी ग्रुप रीवा में 28 हजार करोड़ रुपए का विशाल निवेश करने जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले इस भारी-भरकम निवेश से न केवल मध्य प्रदेश की ‘क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी’ प्रोफाइल मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।

विकास को रफ्तार: भू-अर्जन में तेजी लाने के आदेश
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बैठक के दौरान परियोजना की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निवेश का लाभ जल्द से जल्द जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के शीघ्र पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर शुरू करना है ताकि रीवा के औद्योगिक परिदृश्य को वैश्विक पहचान मिल सके।

रोजगार और पर्यावरण का संतुलन
इस परियोजना को रीवा के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। 28 हजार करोड़ के इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों कुशल और अकुशल श्रमिकों को काम मिलेगा। साथ ही, टाटा ग्रुप द्वारा ग्रीन एनर्जी पर ध्यान केंद्रित करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का भी तेजी से विकास होगा। बैठक में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विकास कार्यों में आने वाली सभी बाधाओं को तत्काल दूर करें।
