T rex Leather Bag: निवेदरलैंड के वैज्ञानिकों ने कमाल ही कर डाला है. उन्होंने करोड़ों साल पहले विलुप्त हो चुके डायनासौर जिसे टीरेक्स (T.rex) कहते हैं उसकी चमड़ी से लेदर बैग बना डाला है. अब आप सोचेंगे की जब डायनासौर ही विलुप्त हो चुके हैं तो उसके चमड़े से बैग कैसे बन गया? इसका जवाब इस आर्टिकल को पढ़कर मिल जाएगा।
नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने T.Rex के अवशेषों से लेदर बैग बनाया है. उन्होंने अमेरिका में मिले टायरानोसॉरस रेक्स के अवशेषों से प्राप्त कोलेजन की मदद से लैब में बनाया है. इस बैग का रंग नीले-हरे रंग का है जिसे फ़िलहाल नीदरलैंड की राजधानी के आर्ट जू म्युसियम में रखा गया है. इसे बेचने की तयारी है, बाकायदा नीलामी होगी और शुरुआती कीमत 4 करोड़ रुपए होगी। बैग को बनाने में तीन कंपनियों ने साथ काम किया है. जिसमें द ऑर्गेनॉइड, वीएमएल और लैब-ग्रोन लेदर लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं.
डायनासौर के चमड़े से कैसे बना बैग
हैंड बैग को बनाने के लिए डायनासोर के अवशेषों से निकाले गए पुराने प्रोटीन के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है. इन टुकड़ों को बाद में एक अन-आईडेंटिफाईड जानवर की सेल (कोशिका) में डाला गया. जिससे कोलेजन बनाया गया. बाद में इसी कोलेजन को लेदर में बदल दिया गया.
इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि डायनासौर की स्किन का अविश्वर किया गया हो और उससे बैग बना दिया गया हो, करीब 10 करोड़ साल पहले विलुप्त हुए डायनासॉर के सिर्फ अवशेष मिलते हैं जिनमे हड्डियों के अलावा कुछ नहीं होता।




