रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पदभार ग्रहण करते ही अपने कड़े तेवरों और सादगी से शासन-प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब फाइलों का काम जमीन पर नजर आना चाहिए। कार्यभार संभालने के पहले ही दिन वीआईपी कल्चर को किनारे रखते हुए कलेक्टर सूर्यवंशी किसी तामझाम के बजाय साधारण बस में सवार होकर जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर के साथ वनांचल क्षेत्र डभौरा की ग्राम पंचायत जतरी पहुंच गए। बिना किसी पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल की परवाह किए, कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनसे सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। उनके इस अनूठे अंदाज को देखकर ग्रामीण न केवल अचंभित थे, बल्कि उनमें प्रशासन के प्रति एक नया भरोसा भी जागा।
संवाद के दौरान कलेक्टर का सख्त रुख भी देखने को मिला, जहां उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की हर कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही या कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति सशक्त और जागरूक बनने का मंत्र दिया, ताकि वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। पदभार संभालते ही कलेक्टर के इस सादगी भरे सफर और अधिकारियों को दिए गए सख्त अल्टीमेटम की पूरे जिले में व्यापक चर्चा हो रही है।
