सतना: बनारस से पुणे की ओर जा रही ट्रेन नंबर 22132 ज्ञानगंगा एक्सप्रेस बुधवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। सुबह लगभग 10:40 बजे जब ट्रेन सतना स्टेशन के करीब पहुँच रही थी, तभी मुख्तियारगंज रेलवे फाटक के पास स्थापित ‘हॉट एक्सल डिटेक्टर’ मशीन ने ट्रेन के एसी-2 (A2) कोच के पहिए (एक्सल) के अत्यधिक गर्म होने का अलर्ट जारी किया।
स्टेशन मैनेजर को तुरंत इसकी सूचना दी गई और सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन को सतना प्लेटफॉर्म पर रोक दिया गया। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुँचकर एक्सल को सुधारने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर सुरक्षा कारणों से उस खराब कोच को ट्रेन से अलग करने का कठिन निर्णय लिया गया।
इस तकनीकी खराबी और कोच को हटाने की प्रक्रिया के दौरान ट्रेन सतना स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खराब कोच के सभी यात्रियों को अस्थायी तौर पर ट्रेन के अन्य एसी कोचों में स्थानांतरित किया। राहत और मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन दोपहर 12:28 बजे जबलपुर के लिए रवाना हो सकी।
रेलवे के जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते डिटेक्टर मशीन से खराबी का पता न चलता, तो चलती ट्रेन के बेपटरी होने या आग लगने जैसा बड़ा हादसा हो सकता था। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जबलपुर स्टेशन पर ट्रेन में एक नया एसी कोच जोड़ा जाएगा, जिसके बाद सभी यात्री अपनी मूल आरक्षित सीटों पर वापस लौट सकेंगे।
