रीवा अधिवक्ता संघ अपर आयुक्त की नियुक्ति न होने पर भड़का, नए कोर्ट भवन की बदहाली पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Rewa Bar Association got angry over non-appointment of Additional Commissioner

रीवा। जिला अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद रीवा के वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर तीखे तेवर अख्तियार कर लिए हैं। गुरुवार को आयोजित पहली पत्रकार वार्ता में संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय ने रीवा संभाग में ठप पड़ी राजस्व व्यवस्था और नवीन जिला न्यायालय भवन की बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। अधिवक्ता संघ ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

6 महीने से खाली है अपर आयुक्त का पद, सोमवार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
रीवा संभाग में पिछले छह महीने से अधिक समय से अपर आयुक्त का पद खाली पड़ा है, जिसके चलते राजस्व मामलों की सुनवाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। दूर-दराज से आने वाले परेशान पक्षकारों को केवल अगली तारीखें मिल रही हैं। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय ने सरकार की “त्वरित न्याय” की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अध्यक्ष ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस पद को “लूप लाइन” समझ रहे हैं और यहाँ आने से कतरा रहे हैं। इसके कारण अपील संबंधी हजारों सुनवाइयां अधर में लटकी हैं और जनता परेशान है। नियमित अपर आयुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर जिला अधिवक्ता संघ आगामी सोमवार को शासन के नाम एक बड़ा ज्ञापन सौंपने जा रहा है।

नए कोर्ट भवन के लिए ₹93 लाख की मांग, बारिश से पहले पार्किंग बड़ी चुनौती
पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय ने नवनिर्मित जिला न्यायालय भवन (New Court Building) की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि नए भवन में बार भवन और सर्विस बिल्डिंग को आपस में जोड़ने, वकीलों व पक्षकारों के लिए बड़ी लिफ्ट लगाने, अलग ट्रांसफार्मर और एलटी लाइन की स्थापना के लिए उपमुख्यमंत्री से चर्चा की गई है। इसके लिए शासन से 93 लाख रुपये के बजट की मांग की गई है।

इसके अलावा, आगामी मानसून को देखते हुए अधिवक्ताओं के लिए वाहन पार्किंग की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। अध्यक्ष ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शासन और विधि विभाग इन आवश्यक मांगों को गंभीरता से नहीं लेता है, तो अधिवक्ता संघ को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

नगर निगम ने दिया 30 जून तक का समय, काम अलग करने की भी मांग
अधिवक्ता संघ ने कोर्ट परिसर में पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। हालांकि, इस मामले में नगर निगम आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि 30 जून तक नल कनेक्शन और पाइपलाइन जोड़ने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।

संघ की प्रमुख मांग: नियमित नियुक्तियों और बजट के साथ-साथ अधिवक्ता संघ ने राजस्व न्यायालयों में प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों को पूरी तरह अलग करने संबंधी सरकारी आदेश को भी सख्ती से लागू करने की मांग की है, ताकि राजस्व मामलों का निपटारा तेजी से हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।

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