रीवा: रतहरा-चौरहटा बाईपास का पुल क्षतिग्रस्त, यातायात पूरी तरह बंद, भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट

Rathara-Chaurhata bypass bridge damaged in Rewa

Rathara-Chaurhata bypass bridge damaged in Rewa: रीवा शहर के रतहरा-चौरहटा बाईपास मार्ग पर स्थित बीहर नदी की पुरानी पुलिया में गंभीर दरारें आने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को पूरी तरह बंद कर दिया है। आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) के विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया है ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

क्यों आई पुल में दरार?
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के संभागीय प्रबंधक अंशुल कनौदिय ने बताया कि इस पुल का निर्माण वर्ष 2006 में हुआ था। पुल की बैरिंग खराब होने के कारण गॉडर और पिलर कैप आपस में टकरा रहे हैं, जिससे संरचना में दो से तीन बड़ी दरारें आ गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बैरिंग समय पर न बदले जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।

यातायात के लिए नया डायवर्जन प्लान
एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि पुल के बंद होने से वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग (Route Diversion) निर्धारित किए गए हैं। प्रयागराज की ओर से आने वाले वाहनों को गोविंदगढ़ मार्ग से होकर निकाला जाएगा। जबकि सतना-मैहर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को सिमरिया मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। सतना और मैहर प्रशासन को भी पत्र लिखकर सूचित किया गया है ताकि भारी वाहनों को पहले ही डाइवर्ट कर दिया जाए और बाईपास पर दबाव कम हो।

मरम्मत और नए पुल का निर्माण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुराने पुल की मरम्मत (रिपेयरिंग) में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। राहत की बात यह है कि इसी पुल के बगल में एक नवीन पुल का निर्माण कार्य पहले से चल रहा है, जिसे पूर्ण होने में लगभग छह माह का समय और लगेगा।

शहर के भीतर सुरक्षा की चुनौती
बाईपास बंद होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती शहर के यातायात को संभालना है। अंदेशा है कि कई भारी वाहन शहर के मुख्य मार्गों से प्रवेश करने की कोशिश करेंगे, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शहर के भीतर प्रवेश द्वारों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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