Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Chadhawa Chori) के कथित मामले को लेकर सियासत और जांच दोनों तेज हो गई हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath Ayodhya Visit) ने अयोध्या पहुंचकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “अगर कोई अपराधी है तो वह कोई भी हो, बचेगा नहीं।” मुख्यमंत्री ने रामभक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि राम मंदिर के लिए लोगों ने 500 साल इंतजार किया है, इसलिए जांच पूरी होने तक कुछ दिन और इंतजार कर लेना चाहिए।
अयोध्या पहुंचे योगी आदित्यनाथ
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला।
योगी ने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों पर गोली चलवाते थे, वही आज रामभक्तों की चिंता करने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग आज अयोध्या के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
“500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए”
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने (SIT Investigation Ram Mandir) विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
उन्होंने कहा,
“रामभक्तों ने राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया। इसलिए 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। जांच पूरी होने दीजिए। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बिना तथ्यों के कोई टिप्पणी न करें और अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातों से बचें।
क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में से करीब 5 से 7.5 करोड़ रुपए की गड़बड़ी हुई है।
इसके बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हालांकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि शुरुआती स्तर पर ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक क्या-क्या सामने आया?
जांच के दौरान पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें:
- लवकुश
- अवनीश
- अनुकल्प
- करुणे
- रामशंकर उर्फ टिन्नू
शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक इन लोगों की निशानदेही पर अब तक करीब 2 करोड़ रुपए की बरामदगी की जा चुकी है। ये सभी किसी न किसी रूप में मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े थे।
इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच जारी है।
SIT जांच में अब तक क्या हुआ?
चार दिनों की जांच में SIT ने कई महत्वपूर्ण लोगों से पूछताछ की है।
पहले दिन
- ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से पूछताछ
- ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली गई
- संदिग्ध कर्मचारियों से लगभग छह घंटे पूछताछ
दूसरे दिन
- चंपत राय और गोपाल राव से विस्तृत सवाल-जवाब
तीसरे दिन
- बैंक अधिकारियों से पूछताछ
- नोट गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत
- बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच
चौथे दिन
- ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से लगभग चार घंटे पूछताछ
- दान राशि के संग्रह, गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी
- टिन्नू यादव से क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए पूछताछ
PMO ने भी मांगी रिपोर्ट
मामले ने तूल पकड़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी राम मंदिर ट्रस्ट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।




