देश के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने साफ कहा है कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर रोका था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था।
परमाणु धमकी से नहीं डरा भारत
रक्षा मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से न्यूक्लियर हमले (Nuclear Threat) की धमकियां दी गई थीं, लेकिन भारत ने इससे घबराने के बजाय मजबूती से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की ‘सर्ज कैपेसिटी’ (India Surge Capacity) अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है और देश किसी भी लंबी लड़ाई के लिए तैयार है।
“भारत IT का हब, पाकिस्तान इंटरनेशनल टेररिज्म का”
राजनाथ सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जहां भारत आज इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology Hub) के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान को “IT यानी इंटरनेशनल टेररिज्म” (International Terrorism) के केंद्र के रूप में देखा जाता है।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह ऑपरेशन एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है, जिसने दुनिया को दिखाया कि भारत अब सिर्फ बयान नहीं देता, बल्कि जरूरत पड़ने पर सीधी कार्रवाई करता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की नीति स्पष्ट है—देश पर किसी भी आतंकी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आतंकवाद की जड़ पर हमला जरूरी
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद (Terrorism) सिर्फ हमलों से नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा और उसे मिलने वाले राजनीतिक समर्थन से पनपता है। जब तक इन जड़ों को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता।
ऑपरेशन सिंदूर में क्या हुआ था? (Operation Details)
‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, जो पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Attack) के जवाब में था। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoJK में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में 9 बड़े आतंकी लॉन्चपैड तबाह किए गए और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया।




