साइकिल स्पेशल। आज दुनिया भर में यातायात के नए और आधुनिक वाहन मौजूद है, लेकिन एक समय ऐसा था जब साइकिल ही लोगों के चलने का साधन होती थी। इस वाहन के अविष्कार को 200 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया। दुनिया की पहली साइकिल बनी तो इसमें पायडल नही था और इसे पाव के सहारे चलाना पड़ता था। इस साइकिल के आविष्कारक जर्मनी के कार्ल वॉन ड्रेइस थें। उन्होंने 1817 में दुनिया की पहली दो-पहिया साइकिल बनाई थी, जिसे ड्रेज़ीनश या हॉबी हॉर्स कहा जाता था।
पैडल का आविष्कार
स्कॉटलैंड के लोहार किर्कपैट्रिक मैकमिलन ने 1839 में साइकिल में पैडल लगाए, जिससे पैरों से धक्का देने की जरूरत खत्म हो गई। ऐसे भी तथ्य मिलते है कि साइकिल के पैडल का आविष्कार 1860 के दशक की शुरुआत में फ्रांस में हुआ था। यह श्रेय पियरे लैलेमेंट और पियरे मिक्सॉक्स को जाता है। उन्होंने डैंडी हॉर्स के अगले पहिए की धुरी पर घूमने वाले क्रैंक और पैडल जोड़े थे, जिससे साइकिल को पैरों से धक्का देने की बजाय बैठकर चलाना संभव हो गया। लैलेमेंट को 1866 में इसके सुधार के लिए पहला अमेरिकी पेटेंट मिला।शुरुआती पैडल सीधे अगले पहिए से जुड़े थे। लेकिन 1885 में जॉन केम्प स्टारले ने सेफ्टी साइकिल बनाई, जिसमें पैडल को चेन के जरिए पिछले पहिए से जोड़ा गया। यहीं से आधुनिक पैडल वाली साइकिल का स्वरूप तय हुआ।

मुबई में चली थी भारत की पहली साइकिल
भारत में पहली बार साइकिल वर्ष 1890 में मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) की सड़कों पर चलाई गई थी। इसे ब्रिटिश अधिकारियों, उनके परिवारों और यूरोपीय ईसाई मिशनरियों द्वारा भारत लाया गया था। शुरुआत में यह केवल संभ्रांत वर्ग (एलीट क्लास) तक ही सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे यह भारतीयों के बीच भी एक लोकप्रिय परिवहन साधन बन गई। 1905 के आसपास विदेशों से साइकिलों का आयात शुरू हुआ और आजादी के बाद भारत में साइकिल निर्माण ने तेजी पकड़ी।
बेहतर साधन
साइकिल की विशिष्टता, स्थायित्व और बहुमुखी प्रतिभा को मान्यता दी गई है, जो दो शताब्दियों से उपयोग में है, और यह परिवहन का एक सरल, किफायती , विश्वसनीय, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ साधन है। एक समय था जब साइकिल हर आदमी का वाहन होता था, लेकिन अब परिवहन ने ऐसे रफ्रतार पकड़ी है कि साइकिल जैसा किफायती वाहन कंम होने लगा है। आज हर आदमी टूव्हीलर और फोरव्हीलर का ज्यादा-से-ज्यादा उपयोग करने लगा है, जबकि प्रदूषण मुक्त, बिना खर्च का यह शरीरिक फिटनेश के लिए भी जाना जाता है। डॉक्टर भी साइकिलिंग की सलाह देते है।
अब साइकिल की चर्चा
आज जब दुनिया भर में इंधन की समस्या सामने आ रही है तो ऐसे में एक बार फिर साइकिल की चर्चा तेजी से होने लगी है। लोगो को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि साइकिल को भी लोग अगर अपनाते है तो इससे इंधन जैस संकट को कंम किया जा सकता है।




