Provincial conference of Vishwamangalya Sabha in Rewa: रीवा। विश्वमांगल्य सभा का महाकौशल प्रांतीय सम्मेलन रविवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘मातृत्व’ विषय पर मातृशक्तियों ने गहन मंथन किया। सम्मेलन में महाकौशल प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीणा तिवारी, जिला अध्यक्ष चेतना मिश्रा तथा सीधी विधायक रीति पाठक समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
सम्मेलन में विश्वमांगल्य सभा के गठन के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। सभा का मुख्य लक्ष्य परंपरा, प्रगति और परिपक्वता का सुंदर संगम कर मातृशक्तियों को समाज की मुख्यधारा में आगे लाना है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में माताएं संस्कारवान समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
आधुनिकता और परंपरा के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए यदि मातृशक्ति अपने परिवार और बच्चों को सही संस्कार देगी, तो देश व समाज का विकास नई ऊंचाइयों को छुएगा। महिलाओं ने मातृत्व को केवल भावना नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रथम पाठशाला मानते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में मातृशक्ति का उत्साहपूर्ण सहभाग देखा गया, जिसने सभी को प्रेरित किया।
बता दें कि विश्वमांगल्य सभा वर्ष 2010 में स्थापित हुई थी। यह सेवा, संस्कार और सदाचार के मूल्यों पर कार्यरत है तथा माताओं को सशक्त कर सदाचारी समाज के निर्माण का संकल्प रखती है। यह सम्मेलन मातृशक्ति को एकजुट कर सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
