भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए मध्यप्रदेश सरकार के कार्यों की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश के साथ उनके संबंधों, राज्य के विकास का उल्लेख किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, राजा भोज, देवी अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और टंट्या मामा जैसे महापुरुषों को भी याद किया है। इसके अलावा उन्होंने राज्य के गौरवशाली इतिहास का भी जिक्र किया है। पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के बदलते स्वरूप और स्वर्णिम भविष्य को लेकर भी बातें कही हैं। उन्होंने पत्र में विश्वास व्यक्त किया है कि विकसित भारत/2047 में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनका आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्र में प्रधानमंत्री श्री मोदी के मध्यप्रदेश के प्रति स्नेह, आत्मीय भाव, विश्वास और मार्गदर्शन का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुरूप प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
स्थापना दिवस की दिए बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र में लिखा है कि मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस (1 नवम्बर) के पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर आपको और प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश की धरती प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परिश्रमी लोगों की कर्मभूमि है। आज का यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों को याद करने के साथ-साथ श्विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारतश् के संकल्प को और मजबूत करने का भी है। मुझे प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को श्किसान कल्याण वर्षश् के रूप में मना रही है। हमारे अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही गांवों की खुशहाली और देश की आर्थिक शक्ति का आधार है। ये सराहनीय है कि राज्य सरकार ने, अन्नदाताओं को सम्मान देने के लिए ऐसी महत्वपूर्ण पहल की है।
मध्यप्रदेश से रहा आत्मीय जुड़ाव
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि मध्यप्रदेश से मेरा बहुत आत्मीय जुड़ाव रहा है। संगठन के दिनों में मुझे यहां के अनेक क्षेत्रों में जाने और कार्यकर्ताओं तथा नागरिकों के बीच समय बिताने का अवसर मिलता रहा है। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे का संगठन के प्रति समर्पण, श्रद्धेय अटल जी का विजन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जनसेवा, सुंदरलाल पटवा जी का परिश्रम और कैलाश जोशी जी की सादगी आज भी मुझे देश सेवा की प्रेरणा देती है। मध्यप्रदेश भारत की विरासतों की गौरवभूमि है। मालवा की मिठास, निमाड़ की लोक परंपराएं, बुंदेलखंड का शौर्य, महाकौशल की सांस्कृतिक गहराई, ग्वालियर-चंबल की गौरवशाली परंपराएं और विंध्य तथा जनजातीय अंचलों का प्राकृतिक सौंदर्य मध्य प्रदेश को विशिष्ट पहचान देते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन, मां नर्मदा की पवित्र धारा, राजा भोज की विद्वत्ता, देवी अहिल्याबाई होलकर का सुशासन और रानी दुर्गावती तथा टंट्या मामा का शौर्य हमारी गौरवशाली विरासत के प्रेरक अध्याय हैं। उन्होंने लिखा कि मालवा की प्रसिद्ध कहावत श्डग-डग रोटी, पग-पग नीरश् यहां की संपन्नता के साथ-साथ लोगों के अतिथि-सत्कार की भावना को भी दर्शाती है।
उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि मध्यप्रदेश आज अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर है। श्विकास भी, विरासत भीश् के मंत्र के अनुरूप प्रदेश में धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की आधुनिक सुविधाओं की नींव भी रखी जा रही है। सेवा के एक शाश्वत भाव से, मध्यप्रदेश में लोगों के जीवन को बदलने का प्रयास हो रहा है। बीते वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्रयास किया है। भोपाल मेट्रो और इंदौर मेट्रो के नए कॉरिडोर्स, जनता की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। प्रदेश में राजमार्गों के नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश में शहरों के साथ-साथ, इंटर स्टेट कनेक्टिविटी भी सशक्त हो रही है। शहरी विकास के इन कामों के अलावा, राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी विकास के अनेक कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें और पुल, गांवों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि इससे हमारे किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को लाभ हो रहा है।
अन्नदाता के कल्याण का संकल्प
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना बुंदेलखंड के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है। 44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की इस परियोजना से दस जिलों में करीब 11 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, इस योजना से 45 लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल भी मिलने वाला है। मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में, कृषि क्षेत्र के संवर्धन में, इस योजना की बड़ी भूमिका होने वाली है। श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासश् हमारी विकास यात्रा का मूल मंत्र है। मुझे संतोष है कि इसी भावना से आज मध्यप्रदेश की डबल इंजन की सरकार, राज्य में लोक कल्याण की अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक परिवारों को नल से स्वच्छ जल पहुंचाया गया है। उन्होंने लिखा कि बुरहानपुर और निवाड़ी जिलों में हुए काम विशेष सराहनीय हैं। इसके साथ ही, जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से प्रदेश की जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन की सराहनीय पहल भी हुई है। अन्नदाताओं के कल्याण के संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से भी 24 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा, सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत 7 लाख से अधिक किसानों को 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भी दी गई है। उन्होंने लिखा कि इन प्रयासों से ना सिर्फ हमारे अन्नदाताओं का जीवन समृद्ध हुआ है, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित हो पाया है।
जनता में स्थापित हुआ सुरक्षा का भाव
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि देश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो, इसके लिए केंद्र और मध्यप्रदेश की सरकार बीते वर्षों से अनेक प्रयास करती रही है। लोगों को पक्के मकान मिलें, इसके लिए पीएम आवास योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से 50 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण किया गया है। ऐसे आवासों का निर्माण पूरा करने में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही, गरीबों की आरोग्य सुरक्षा के लिए साढ़े 4 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की कवरेज से जोड़ा गया है। इससे लोगों की चिंताएं भी कम हुई हैं और एक सुरक्षा का भाव भी स्थापित हुआ है। जनजातीय समाज का विकास भी विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के माध्यम से बैगा, भारिया और सहरिया जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों की बस्तियों तक सड़क, आवास, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने, हमें अंत्योदय का जो विचार दिया है ये अभियान उसी विचार के साकार रूप हैं। इससे जनजीवन तो बेहतर हो ही रहा है, मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य का आधार भी सशक्त बन रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और नई सुविधाओं के विस्तार के साथ मध्य प्रदेश युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लिखा कि धार जिले में बन रहे पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। इससे रोजगार के हजारों अवसर सृजित होने वाले हैं।
रोजगार के खुल रहे नए रास्ते
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि मुझे प्रसन्नता है कि प्रदेश में प्रगति की ऐसी ही अनेक पहलों से युवाओं के लिए रोजगार पाने और अपना काम शुरू करने के नए रास्ते खुल रहे हैं। इससे बेटियों और महिलाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। ये प्रयास मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने के साथ ही, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी आगे बढ़ा रहे हैं। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण में भी मध्यप्रदेश ने बड़े प्रयास शुरू किए हैं। विशेष रूप से कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को फिर से बसाने का प्रयास किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत और श्एक भारत, श्रेष्ठ भारतश् की भावना का महत्वपूर्ण केंद्र है। सांची के स्तूप, भीमबेटका के प्राचीन शैलचित्र, खजुराहो और ओरछा के भव्य मंदिर, ग्वालियर का ऐतिहासिक दुर्ग, मांडू की स्थापत्य कला हमारी गौरवशाली विरासत के अनमोल उदाहरण हैं।
हर नागरिक को मिले आगे बढ़ने का अवसर
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा है कि उज्जैन की आध्यात्मिक परंपराएं, मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक, जनजातीय लोककलाएं और बुंदेलखंड की वीरगाथाएं मध्यप्रदेश के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को दर्शाती हैं। मध्यप्रदेश की इसी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए हमें विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना है, जिसमें हर परिवार सुखी और समृद्ध हो तथा हर नागरिक को आगे बढ़ने के अवसर मिलें। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में और प्रदेशवासियों के परिश्रम से मध्य प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




