Pakistan Message on Kashmir : पाकिस्तान ने भारत की कश्मीर नीति को बताया गलत, कश्मीरियों की आजादी की मांग की 

Pakistan Message on Kashmir

Pakistan Message on Kashmir : नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र की सभागार में हुई 81वीं बैठक के दौरान, जम्मू-कश्मीर पर ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के संपर्क समूह की मंत्री-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार ने भारत पर निशाना साधा है। डार ने भारत पर कश्मीर की पहचान, राजनीति और सांस्कृतिक ढांचे को बदलने का आरोप लगाया है।

इस बैठक की शुरुआत में डार ने समूह के सदस्यों और मानवाधिकार आयोग का धन्यवाद किया। पाकिस्तान ने कहा कि OIC कश्मीर के लोगों के अधिकारों और उनकी मांगों का हमेशा समर्थन करता रहा है।

पाकिस्तान ने लगाया आर्टिकल 370 हटाने का आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि 5 अगस्त 2019 के बाद भारत ने जो कदम उठाए हैं, उनका मकसद कश्मीर की पहचान, राजनीति और संस्कृति को बदलना है। नए डोमिसाइल नियम, चुनाव क्षेत्रों में बदलाव और गैर-कश्मीरियों को मतदाता सूची में शामिल करने जैसे कदमों को जमीन पर बदलाव के प्रयास के रूप में देखा गया है।

कश्मीर की आज़ादी पर उठाया सवाल

डार ने कहा कि कश्मीर में नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। मीडिया पर रोक लगाई जा रही है, कश्मीर प्रेस क्लब बंद कर दिया गया है और सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक किया गया है। इन सबके कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पत्रकार वहां की सच्चाई देखने नहीं जा पा रहे हैं।

पाक ने आतंकवाद के आरोपों को खारिज किया 

मई 2025 में हुई सैन्य झड़प का जिक्र करते हुए कहा गया कि दो परमाणु शक्ति वाले देशों के बीच किसी भी विवाद को सिर्फ ताकत से नहीं सुलझाया जा सकता। पाकिस्तान ने आतंकवाद के आरोपों को खारिज कर कहा कि उसने अपनी रक्षा के लिए कदम उठाए हैं। किसी भी समस्या का स्थायी हल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

पाकिस्तान ने कहा कि सिंधु जल संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे कोई भी देश एकतरफा नहीं रद्द कर सकता। इस समझौते के नियमों और अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों का सम्मान किया जाना चाहिए।

OIC से पाकिस्तान ने की ये मांगे

पाकिस्तान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य विश्व मंचों पर OIC देशों को कश्मीर मुद्दे पर एकसमान और मजबूत रुख अपनाना चाहिए। भारत से 5 अगस्त 2019 के बाद के सभी कदम वापस लेने, राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और जनसांख्यिकीय बदलावों को रोकने की मांग की जाए।

यह भी पढ़े : UP Election 2027 : यूपी में खाली हुईं भाजपा की 8 सीटें, कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा; 10 सीटों पर होगा चुनाव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *