MP: बाघों के संरक्षण में नया जोश, मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन ने मंजूर किए 22.79 करोड़ रुपये

MP Tiger Foundation: मध्य प्रदेश में बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को नई मजबूती प्रदान करने के लिए टाइगर फाउंडेशन समिति ने करीब 22.79 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। अब वन विभाग हर तीन महीने में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा तथा ग्रामीण और वन क्षेत्रों में चरवाहा सम्मेलन आयोजित करके जन-जागरूकता बढ़ाएगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

MP Tiger Foundation: मध्य प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) और बाघों के आवास विकास (Tiger Habitat Development) को नई दिशा देते हुए अहम फैसले लिए हैं। प्रमुख सचिव वन संदीप यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन (Madhya Pradesh Tiger Foundation) समिति की 22वीं शासी निकाय बैठक में करीब 22.79 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में टाइगर फाउंडेशन (Tiger Foundation) की पिछली 21वीं बैठक के कार्यवृत्त को अनुमोदित किया गया और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना (Annual Plan of Operation – APO) को भी मंजूरी दी गई। संरक्षित क्षेत्रों, वन मंडलों में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Protection), आवास सुधार, अनुसंधान, क्षमता विकास तथा ब्लैकबक कैप्चर ऑपरेशन (Blackbuck Capture Operation) से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई।

निरंतर समीक्षा और पारदर्शिता पर जोर

प्रमुख सचिव संदीप यादव ने बैठक के दौरान सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण के कार्यों में बेहतर निगरानी और पारदर्शिता (Transparency) बनाए रखने के लिए टाइगर फाउंडेशन समिति की बैठक हर तीन महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने подчерк किया कि समय-समय पर समीक्षा से योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और जवाबदेही (Accountability) बढ़ेगी।

जन-जागरूकता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी

बैठक में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) और मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को कम करने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में चरवाहा सम्मेलन (Herder Conferences) आयोजित किए जाएं। इन सम्मेलनों के जरिए स्थानीय लोगों को वन्यजीवों के महत्व, उनके संरक्षण और संघर्ष कम करने के उपायों की जानकारी दी जाएगी। संदीप यादव ने कहा कि स्थानीय समुदायों (Local Communities) की सक्रिय भागीदारी के बिना वन्यजीव संरक्षण के प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकते।

समयबद्ध क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग

बैठक में यह भी सख्त निर्देश दिए गए कि स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। वन विभाग के अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग (Regular Monitoring) और संसाधनों के प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. समीता राजौरा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Tiger Reserves) के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

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