मध्य प्रदेश की राज्यसभा उम्मीदवार (Congress Rajyasabha Candidate) मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन खारिज किए जाने के मामले में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचा (ECI) और आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। हालांकि शिकायत दर्ज होने के करीब 6 घंटे बाद भी आयोग की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि चुनाव आयोग कांग्रेस की शिकायत खारिज कर सकता है, हालांकि कांग्रेस नेताओं ने ऐसी किसी सूचना की पुष्टि नहीं की है।
अभिषेक मनु सिंघवी बोले- RO का फैसला कानून के खिलाफ
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला पूरी तरह गलत और कानून के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया गया, उसमें अदालत ने अभी तक संज्ञान तक नहीं लिया है। केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें यह तय होना था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं। ऐसे में इसे लंबित आपराधिक मामला मानना कानूनी रूप से उचित नहीं है।
कांग्रेस का दावा- आयोग के पास फैसला बदलने का अधिकार
सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को बदलने या रद्द करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने हरियाणा और गुजरात के पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि आयोग पहले भी ऐसे फैसलों में हस्तक्षेप कर चुका है।
कांग्रेस का तर्क है कि चुनावी नियमों के अनुसार उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है जिनमें दो वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो और अदालत आरोप तय कर चुकी हो। मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसी कोई स्थिति मौजूद नहीं थी।
दिल्ली से भोपाल तक कांग्रेस का विरोध
मामले को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिलने पर उन्होंने कार्यालय के बाहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गणवेश टांगकर विरोध दर्ज कराया।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालयों के बाहर धरना भी दिया था।
खड़गे करेंगे बैठक, राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस मुद्दे पर अहम बैठक करेंगे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
चौधरी ने आरोप लगाया कि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया कानून और नियमों के अनुरूप नहीं थी और कांग्रेस इस मामले में लोकतांत्रिक तथा कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। कांग्रेस विधायक शुक्रवार या शनिवार को दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
न्यायालय जाने की तैयारी में कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि चुनाव आयोग से न्याय नहीं मिला तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री निवास के खिलाफ भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को “लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर हमला” मानती है और अंतिम स्तर तक लड़ाई लड़ेगी।
क्या है पूरा विवाद?
मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उनके हलफनामे में कथित अनियमितताएं थीं। भाजपा का आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी छिपाई थी। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मामला अभी प्रारंभिक स्तर पर है और कानूनी रूप से उसे लंबित आपराधिक प्रकरण नहीं माना जा सकता।
अब सभी की नजरें चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है।




