Crude Oil Impact on Petrol diesel: आज यानी बुधवार 10 जून कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल शुरू हो गया है. जी हां कल क्रूड ऑयल पिछले 7 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन 10 जून 2026 को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए नए हमलों के बाद फिर से तेजी शुरू हो चुकी है. गौरतलब है कि आज सुबह से ही WTI क्रूड ऑयल की कीमत 0.21% की तेजी के बाद 89.35 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट की कीमत 0.35% की गिरावट के बाद 92.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.
अब सबसे अहम सवाल यह है कि, क्या ग्लोबल मार्केट में आई तेजी का असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा? चलिए जानते हैं विस्तार से….
क्रूड ऑयल की कीमतों में लंबी उछाल का कारण
गौरतलब है कि, पश्चिम एशिया में आज फिर से नए स्तर पर टेंशन शुरू होते दिख रहा है. ईरान इजरायल द्वारा हमले नहीं करने पर सहमति जताने के बाद कल WTI क्रूड ऑयल की कीमत पिछले 7 सप्ताह के निचले स्तर पर यानी 86 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच चुकी थी. इतना ही नहीं कल तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इजरायल को ईरान पर हमला नहीं करने की समझाइश दे रहे थे. अब अमेरिका ने ईरान द्वारा गिराए गए एक अपाचे हेलीकॉप्टर के बाद नए हमले शुरू कर दिए हैं. जी हां इसके बाद फिर से नाजुक युद्ध विराम पर सवाल उठ गया है.
ईरानी मंत्री ने कहा करेंगे जवाबी कार्यवाही
आपको बता दें कि, अमेरिकी सेना के द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघराची ने कहा है कि वह जवाबी कार्यवाही करेंगे. कल ही ईरान और इजरायल के बीच नई सहमति बनने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 5.9% की गिरावट आई थी, जिससे बाजार ने थोड़ी राहत की सांस ली और आज फिर नए सिरे से तनाव शुरू होता दिख रहा है.
देश में पेट्रोल डीजल की कीमतों की ताजा स्थिति
आज एक बार फिर से पश्चिम एशिया में शुरू हुए नए सिरे से तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में ग्लोबल मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन भारत में आज 10 जून को पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई है. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच हमले बढ़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है. जिससे भारत में भी आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है.
शांति वार्ता का रास्ता बंद हो गया?
आपने देखा होगा कि बीते दिन तक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ शांति वार्ता करने के लिए कई बयान दे रहे थे. उन्होंने यह तक कह दिया था कि बातचीत अंतिम स्तर पर पहुंच चुकी है. जल्द ही नया प्रस्ताव सामने आएगा. इस बीच अब अमेरिका के ईरान पर किए जा रहे हैं नए हमले के बाद शांति वार्ता प्रस्ताव पर सवाल खड़े हो चुके हैं. यदि ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्यवाही शुरू हो जाती है तो पश्चिम एशिया तनाव और बढ़ सकता है. जिससे भारत सहित अन्य देशों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है.




