MP: सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, निशातपुरा स्टेशन पर शुरू हुआ दो एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव

Singhastha 2028: सिंहस्थ 2028 (Singhastha 2028) की तैयारियों के तहत भोपाल में रेलवे सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार से निशातपुरा रेलवे स्टेशन (Nishatpura Railway Station) पर दो एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस नई सुविधा से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, यात्रा आसान होगी और भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

Singhastha 2028: सिंहस्थ 2028 (Singhastha 2028) की तैयारियों को गति देते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन (Nishatpura Railway Station) पर मंगलवार से दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का आधिकारिक ठहराव शुरू हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस का स्टॉपेज भी इस स्टेशन पर शुरू कर दिया गया है।

सिंहस्थ में यात्रियों की बढ़ती संख्या को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के मध्य प्रदेश पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नए रेलवे स्टेशनों के संचालन से यात्रियों का दबाव एक ही स्टेशन पर नहीं रहेगा। निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों से ट्रेन पकड़ने की बेहतर सुविधा मिलेगी। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस स्टेशन का लाभ विशेष रूप से नई दिल्ली, उज्जैन और इंदौर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा।

भोपाल में अब चार प्रमुख रेलवे स्टेशन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राजधानी भोपाल में अब भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन, संत हिरदाराम नगर और निशातपुरा रेलवे स्टेशन सहित चार प्रमुख रेलवे स्टेशन यात्रियों की सेवा में उपलब्ध हैं। इससे ट्रेनों का बेहतर संचालन होगा और मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेलवे नेटवर्क (Railway Network) का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

रेलवे बजट और परियोजनाओं में हुआ बड़ा इजाफा

मुख्यमंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश में रेलवे विकास कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के सभी रेलवे ट्रैक का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण (100% Electrification) पूरा किया जा चुका है। वर्ष 2009-14 के दौरान प्रदेश को रेलवे के लिए 632 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो अब 2026-27 में बढ़कर 15,288 करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये की लागत से रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं वर्ष 2014 के बाद लगभग 2,800 किलोमीटर नई रेल लाइनें भी बिछाई जा चुकी हैं।

अब ट्रिपल और फोर लाइन परियोजनाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि रेलवे पहले मीटर गेज से ब्रॉडगेज और फिर डबल लाइन तक पहुंचा। अब कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रिपल लाइन (Triple Line) और फोर लाइन (Fourth Line) परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। वडोदरा-रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का कार्य जारी है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही और समयबद्ध संचालन में सुधार होगा।

13 अमृत स्टेशनों का विकास भी पूरा

पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि निशातपुरा स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़ से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों (Amrit Station Scheme) के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, रेलवे अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *