MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून (Monsoon Update) की रफ्तार इस बार धीमी बनी हुई है और मौसम विभाग के अनुसार इसकी प्रभावी एंट्री अब 25 जून के आसपास होने की संभावना है। मानसून की देरी का असर वर्षा के आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 1 जून से अब तक सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश (Rainfall Deficit) दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों (Kharif Crops) की बुवाई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों (Weather System) के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है और इसी के मद्देनजर मौसम विभाग ने आज 39 जिलों में आंधी और बारिश (Thunderstorm Alert) की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में इस बार मानसून (Monsoon Update) की रफ्तार उम्मीद से धीमी बनी हुई है। सामान्य तौर पर जून के मध्य तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पहुंचने वाला मानसून अभी तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। मौसम विभाग के ताजा संकेतों के अनुसार अब इसके 25 जून के आसपास प्रदेश में प्रभावी रूप से प्रवेश करने की संभावना है। मानसून की इस देरी का असर वर्षा के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
18 दिनों में सामान्य से 39 फीसदी कम वर्षा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश (Rainfall Deficit) दर्ज की गई है। इस अवधि में प्रदेश में औसतन 46.8 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 28.4 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। कम वर्षा के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खरीफ फसलों (Kharif Crops) की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी अभी तक नहीं बन पाई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में हालात ज्यादा चिंताजनक
प्रदेश के पूर्वी और कुछ पश्चिमी जिलों में बारिश की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है। अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे जिलों में अब तक आधा इंच बारिश भी दर्ज नहीं की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, सतना और सीधी सहित कई जिलों में 1 से 4 इंच तक वर्षा हुई है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों (Agriculture Experts) का कहना है कि यह मात्रा बड़े पैमाने पर बुवाई शुरू करने के लिए अभी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
आज 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में आंधी और बारिश (Thunderstorm Alert) की संभावना जताई है। अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में बनी रह सकती है उमस और गर्मी
दूसरी ओर रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, कटनी, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ सहित कई जिलों में फिलहाल उमस और गर्मी (Heat and Humidity) का असर जारी रह सकता है।
कई जिलों में बदला मौसम, सिवनी में सबसे ज्यादा बारिश
गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। सिवनी में एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि इंदौर के महू, धार के पीथमपुर और गुना में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम में बदलाव के चलते तापमान (Temperature Update) में भी गिरावट देखने को मिली। भोपाल में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 36.9 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री, जबलपुर में 38.7 डिग्री और ग्वालियर में 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं खजुराहो 41.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
साइक्लोनिक सिस्टम से बन रहा बारिश का माहौल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) और आसपास मौजूद तीन ट्रफ लाइनों (Trough Line) के कारण वातावरण में नमी लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है और मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार होती रहेंगी।




