किसानों के लिए नई पहल, CM मोहन यादव ने शुरू की ‘सीएम किसान हेल्पलाइन 155253’ और किसान कल्याण डैशबोर्ड

CM Kisan Helpline 155253: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को त्वरित मदद और सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘किसान हेल्पलाइन 155253’ शुरू की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कई कठिन कार्यों को भी सफलतापूर्वक पूरा कर रही है।

CM Kisan Helpline 155253: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को बेहतर सुविधाएं और त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक नई महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित ‘कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला’ के दौरान उन्होंने टोल फ्री सीएम किसान हेल्पलाइन (CM Kisan Helpline 155253) की औपचारिक शुरुआत की।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड (CM Kisan Kalyan Dashboard) और पैक्स समितियों में सदस्यता बढ़ाने के महा-अभियान का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खुद हेल्पलाइन से जुड़े और कृषि संबंधी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी।

कृषक कल्याण वर्ष: 16 विभागों का सामूहिक प्रयास

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष (Krishak Kalyan Varsh) के अंतर्गत प्रदेश के 16 विभिन्न विभाग एक साथ मिलकर किसानों के हित में काम कर रहे हैं। उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे विभागों को जोड़कर सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के सहयोग से पशुपालन क्षेत्र में हो रहे बेहतर काम का जिक्र करते हुए कहा कि अब किसानों को दूध के अच्छे दाम मिल रहे हैं और प्रदेश में दूध क्रांति (Milk Revolution) की दिशा में तेज प्रगति हो रही है।

फसल के साथ एग्री वेस्ट से भी अतिरिक्त कमाई

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर देते हुए CM मोहन यादव ने कहा कि अब खेती केवल फसल तक सीमित नहीं रही है। किसान अब कृषि अपशिष्ट (Agri Waste) से भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। गेहूं, धान और मक्का के अवशेष से भूसा बनाकर वे अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचेगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।

साल में तीन फसल लेने लगे किसान

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर थी, लेकिन अब सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से स्थिति पूरी तरह बदल गई है। नहरों और बिजली कनेक्शन के जरिए खेतों तक पानी पहुंचने से किसान अब साल में दो की जगह तीन फसलें (Three Crops Per Year) भी लेने लगे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी परियोजनाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी दी।

हर जिले में आयोजित हो रहे कृषि मेले

कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि इस वर्ष को पूर्ण रूप से कृषक कल्याण (Farmer Welfare) के लिए समर्पित किया गया है। पूरे प्रदेश में हर जिले में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला में प्रदेशभर से 16 विभागों के 1600 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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