Mahua Moitra Circuit House Controversy: मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर सर्किट हाउस से जुड़ी घटना को लेकर नदिया जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देर रात उन्हें कमरा खाली करने के लिए फोन और मैसेज किए गए। इनकार करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जुटने और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाने का भी उन्होंने दावा किया। मोइत्रा ने मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सुरक्षा और सांसदों के प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
Mahua Moitra Circuit House Controversy: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सर्किट हाउस (Circuit House) से जुड़ी एक घटना को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि शुक्रवार देर रात उन्हें कृष्णानगर सर्किट हाउस का कमरा खाली करने के लिए कहा गया। मोइत्रा के मुताबिक, इनकार करने के बाद परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कथित तौर पर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए।
रात में कमरा खाली करने को कहा गया
महुआ मोइत्रा का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें फोन कॉल और मैसेज (Calls & Messages) के जरिए लगातार कमरा खाली करने के लिए कहा जा रहा था। उन्होंने प्रशासन के अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद सर्किट हाउस के बाहर लोगों की भीड़ जुटने की बात उन्होंने कही।सांसद के अनुसार, भीड़ की ओर से ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जा रहे थे और माहौल ऐसा बनाया गया, जिससे उन्हें डराने या दबाव में लेने की कोशिश महसूस हुई। हालांकि, घटना से जुड़े अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया इस दावे पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र (Letter to Speaker) लिखकर मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपने पत्र में सुरक्षा (Security) और सांसदों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल (Parliamentary Protocol) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। मोइत्रा ने कहा कि वह वर्ष 2029 तक निर्वाचित सांसद (Elected MP) हैं। लोकसभा का सत्र शुक्रवार को समाप्त होने के बाद वह अपने संसदीय क्षेत्र कृष्णानगर के सर्किट हाउस में ठहरी थीं।
सांसदों के लिए आधिकारिक आवास का किया जिक्र
महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि मौजूदा महिला सांसद होने के साथ-साथ कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र की निर्वाचित प्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें सर्किट हाउस का कमरा खाली करने के लिए कहा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अपने ही संसदीय क्षेत्र में आधिकारिक आवास (Official Accommodation) के तौर पर इस्तेमाल होने वाले सर्किट हाउस में ठहरी थीं, तब उन्हें देर रात कमरा खाली करने का निर्देश क्यों दिया गया।
अमेरिका से लंदन के बैंक तक, फिर राजनीति में एंट्री
महुआ मोइत्रा का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले उनका करियर कॉरपोरेट सेक्टर (Corporate Career) में रहा। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गईं। पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में नौकरी की। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने बैंकिंग की नौकरी छोड़कर राजनीति का रुख किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और चुनावी मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।
2016 में पहली चुनावी जीत
महुआ मोइत्रा ने 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में करीमपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2019 में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें कृष्णानगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की और राष्ट्रीय राजनीति (National Politics) में अपनी जगह बनाई।
2029 तक सांसद होने का दावा
महुआ मोइत्रा ने मौजूदा विवाद के संदर्भ में अपने निर्वाचित प्रतिनिधि के दर्जे का उल्लेख करते हुए कहा है कि उनका कार्यकाल 2029 तक है। सर्किट हाउस में ठहरने के दौरान देर रात कमरा खाली कराने के कथित दबाव को उन्होंने सांसद की सुरक्षा और संसदीय प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया और घटना से जुड़े अन्य पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसी के बाद विवाद से जुड़े आरोपों और वास्तविक घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।




