Kolkata Warehouse Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट (Taratala Accident) डिपो के पास निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से 55 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1:30 बजे गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन स्ट्रक्चर का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते मजदूर और कर्मचारी भारी मलबे के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
अब तक 13 लोगों का रेस्क्यू
बचाव दल ने अब तक 13 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें से 9 घायलों को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। भारी मलबा हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है, जबकि लोहे की मजबूत छड़ों को गैस कटर से काटा जा रहा है। “मेरा पैर काट लो, लेकिन मुझे बचा लो”
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य भी सामने आया।
स्थानीय युवक अंकित सिंह ने मलबे में दबे एक मजदूर का पैर पकड़कर रेस्क्यू टीम को उसकी सही लोकेशन बताई।
दर्द से कराह रहा मजदूर लगातार कह रहा था—
“मैंने अपना पैर खो दिया है… जरूरत पड़े तो बाकी हिस्सा काट दो, लेकिन मुझे जिंदा बाहर निकाल लो।”
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।बचावकर्मियों के मुताबिक, मलबे के अंदर से अब भी लोगों की आवाजें और मदद की पुकार सुनाई दे रही हैं।
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- 1070
- 8697981070
- 033-22143526
- 033-22535185
गोदाम किसका था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर गोदाम का निर्माण हो रहा था वह ओडिशा के एक व्यवसायी की बताई जा रही है। जमीन को एक निजी फर्म को लीज पर दिया गया था। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।




