देशभर में चर्चा में बने केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो आरोपी सिया और चेतन के खिलाफ अहम सबूत साबित हो सकते हैं। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस इस मामले के हर पहलू को जोड़कर जांच कर रही है और कई बड़े खुलासे होने का दावा किया जा रहा है।
स्लो पॉइजन देने की कोशिश!
जांच में सबसे पहले यह बात सामने आई कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने के लिए कई तरीके अपनाने की कोशिश की। पुलिस को शक है कि दोनों ने पहले स्लो पॉइजन देकर केतन की जान लेने या उसे हमेशा के लिए अपाहिज बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि उन्हें ज़हर नहीं मिल सका, इसलिए यह प्लान पूरा नहीं हो पाया।
इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर की मदद लेने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति इस काम के लिए तैयार भी हो गया था, लेकिन बाद में डर की वजह से उसने पीछे हटने का फैसला कर लिया। अब वही शख्स पुलिस के लिए अहम गवाह माना जा रहा है। पुलिस ने उस होटल का सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में लिया है, जहां कथित तौर पर उसकी मुलाकात सिया और चेतन से हुई थी।
खाटू श्याम मंदिर में की शादी?
इसी बीच जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या सिया और चेतन ने साल 2025 में राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में गुपचुप शादी की थी। इस एंगल की पुष्टि के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस की टीम मंदिर तक पहुंची और वहां का सीसीटीवी फुटेज भी मांगा गया है। जांच एजेंसियों के हाथ शादी से जुड़ी दो तस्वीरें भी लगी हैं, लेकिन फिलहाल यह जांच की जा रही है कि वे तस्वीरें असली हैं या उनमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है।
एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का मानना है कि मई 2025 में शादी तय होने के बाद ही दोनों ने केतन की हत्या की साजिश पर काम शुरू कर दिया था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे घटनाक्रम को उसी नजरिए से जोड़कर देख रही हैं।
मामले में सबसे बड़ा खुलासा लोहागढ़ फोर्ट को लेकर हुआ है। जांच में पता चला कि जिस जगह केतन की मौत हुई, उसी स्थान पर 18 मार्च 2025 को 21 साल की एक लॉ छात्रा की मौत हुई थी, जिसे उस समय आत्महत्या माना गया था। पुलिस को अब शक है कि कहीं वह मामला भी हत्या का तो नहीं था। इसी वजह से उस पुराने केस की जांच भी दोबारा शुरू कर दी गई है।
पुराने केस से आया आइडिया
बताया जा रहा है कि सिया ने उस छात्रा की मौत से जुड़ी खबर पढ़ी थी। इसके बाद उसने और चेतन ने लोहागढ़ को अपने प्लान के लिए चुना। केतन ट्रैकिंग का शौकीन था, इसलिए उसे वहां ले जाना आसान था। उस इलाके में सीसीटीवी नहीं है और सामान्य दिनों में लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। जांच के अनुसार, दोनों 31 मई को वहां रेकी करने पहुंचे थे। उन्होंने वहां सेल्फी और वीडियो भी बनाए और फिर कथित तौर पर पहले से बनाई गई योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ का सामना कैसे करना है, इसके लिए सिया और चेतन ने करीब दो घंटे लंबे जापानी वीडियो भी देखे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों की वेब हिस्ट्री से उन वीडियो के लिंक बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन वीडियो को देखने का मकसद पूछताछ के दौरान खुद को सामान्य और शांत दिखाने की तैयारी करना था।



