कर्नाटक में बड़ा घोटाला : कर्नाटक में कांग्रेस विधायक की भतीजी के मामले में सियासी हलचल तेज हो गई है। बागलकोट से कांग्रेस विधायक उमेश मेटी की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने करीब छह महीनों तक क्लिनिक से बिना काम किए वेतन लिया।
क्या है अंकिता यारगल का मामला?
मार्च से सितंबर तक कांग्रेस विधायक उमेश मेटी की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल नम्मा क्लिनिक में मौजूद नहीं थीं, जबकि उस दौरान वे एक निजी कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रही थीं। इस दौरान उनका वेतन भी जारी रहा। उनके पिता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, ने ही उन्हें क्लिनिक से हटा दिया है। अब जांच चल रही है, और उन्हें 18 सितंबर को दस्तावेज लेकर पेश होने का निर्देश दिया गया है।
बिना काम किए 6 महीने तक वेतन लिया
जिला पंचायत के अधिकारी ने बताया कि डॉ. अंकिता बिना काम किए छह महीने तक क्लिनिक से गैरहाजिर रही। इस दौरान उन्होंने क्लिनिक से बिना काम किए 6 महीने तक हर माह 70 हज़ार रुपये वेतन भी लिया। डॉ. अंकिता ने अपने कॉलेज में पीजी की अनुमति ली थी, लेकिन नौकरी से इस्तीफा नहीं दिया। अधिकारी कहते हैं कि कॉलेज की अनुमति से गलती नहीं होती, लेकिन सरकारी नौकरी का मामला खत्म नहीं होता।
18 सितंबर को कोर्ट में होना है पेश
15 सितंबर को हुई पहली सुनवाई में वह उपस्थित नहीं थीं। अब 18 सितंबर को फिर से कोर्ट में पेश होना है। इसबार वे सुनवाई में नहीं आतीं हैं तो प्रशासन उनके खिलाफ फैसला ले सकता है। अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है, तो वेतन की वसूली भी हो सकती है।
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