रीवा। जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग में रीवा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रशिक्षु आईपीएस और बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने एक हाईप्रोफाइल अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की संयुक्त टीमों ने घेराबंदी कर बिछिया थाना क्षेत्र के रीठी तालाब के पास से दो लग्जरी कारों में सवार आधा दर्जन शातिर तस्करों को दबोच लिया। इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से भी जुड़े हुए हैं।
घेराबंदी कर पकड़ी गईं i20 और XUV 300 कारें पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रीठी तालाब के पास तस्करों की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना मिलते ही बिछिया, गुढ़ और रायपुर कर्चुलियान पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। मौके पर खड़ी एक i20 और एक XUV 300 कार की तलाशी लेने पर 28 पैकेटों में भरा 28 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹73,000 नगद, 8 स्मार्टफोन और करीब ₹20 लाख की कीमत वाली दोनों कारें जब्त की हैं। कुल मशरूका की कीमत करीब ₹25 लाख आंकी गई है।
यूपी तक फैले हैं गिरोह के तार पकड़े गए तस्करों में रीवा और सीधी के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के खरीदार भी शामिल हैं। आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- रीवा: अतुल पटेल और आशीष पटेल निवासी मनगवां, ग्राम भोपी
- सीधी: सुनील जायसवाल और राजा जायसवाल निवासी पॉड़ी सिमरिया
- उत्तर प्रदेश : राधेश्याम कश्यप और अनुज निषाद निवासी बांदा ये गांजे की डिलीवरी लेने बांदा से रीवा आए थे
सीधी से यूपी जा रही थी नशे की खेप प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह खेप सीधी जिले से रीवा लाई गई थी, जिसे बांदा (यूपी) से आए तस्करों को सप्लाई किया जाना था। प्रशिक्षु आईपीएस राजीव अग्रवाल की कमान में यह पहली बड़ी एनडीपीएस (NDPS) कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सप्लायर की तलाश कर रही है और पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
