शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गोहपारू थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह धौनहा नदी से अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर न सिर्फ चक्काजाम और प्रदर्शन किया, बल्कि पलटे हुए ट्रैक्टर के इंजन को आग के हवाले कर दिया। इलाके में फैले भारी तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पाथेरा मोड़ के पास हुआ भीषण हादसा, खेत में पलटा ट्रैक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा गोहपारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाथेरा मोड़ के पास हुआ। धौनहा नदी से अवैध रेत भरकर बेहद तेज रफ्तार में आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार शंकर प्रताप साहू (उम्र 35 वर्ष) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बाइक पर पीछे बैठे उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के ठीक बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खेत में जाकर पलट गई, जिसका फायदा उठाकर रेत माफिया का चालक मौके से फरार हो गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाई आग
हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मृतक के परिजनों समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। इकलौते बेटे को खोने वाले परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से प्रशासन और संबंधित विभागों की नाक के नीचे अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसी लापरवाही के कारण आज एक बेकसूर की जान चली गई। इसी गुस्से में आकर भीड़ ने खेत में पलटे हुए ट्रैक्टर में आग लगा दी। आगजनी और हंगामे के चलते पुलिस को शव को कब्जे में लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, जांच शुरू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गोहपारू थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलवाया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।




