रीवा। शहर के हेडगेवार नगर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम एक बड़े अवैध चिकित्सा कारोबार का पर्दाफाश किया है। गुप्त शिकायत के आधार पर हुई इस अचानक छापामार कार्रवाई से हड़कंप मच गया। टीम ने पाया कि एक मकान के भीतर ‘चश्मा केंद्र’ के नाम का बोर्ड लगाकर चोरी-छिपे अवैध क्लीनिक और मेडिकल एजेंसी का संचालन किया जा रहा था।
डॉक्टर के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, बोर्ड उतरवाया गया
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह कार्रवाई डॉ. ज्ञानेश मिश्रा के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण के दौरान मौके पर क्लीनिक संचालन से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज और पंजीयन नहीं पाए गए। इसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुकान के बाहर लगा अवैध क्लीनिक का बोर्ड तत्काल प्रभाव से उतरवा दिया और पूरी गतिविधि को बंद करा दिया।
दस्तावेज तलब, आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक संचालक को कड़ा नोटिस थमाते हुए निर्देश दिया है कि वे संचालन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में प्रस्तुत करें। हालांकि, संचालक ने खुद का बचाव करते हुए इस कार्रवाई को व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का परिणाम बताया है। विभाग का कहना है कि दस्तावेजों की गहन जांच के बाद नियमानुसार आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ पर उठे सवाल
शहर के रिहायशी इलाके में चश्मा दुकान के नाम पर बिना डिग्री और पंजीयन के चल रहे इस फर्जी क्लीनिक के खुलासे ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से यह साफ हो गया है कि शहर में किस तरह मरीजों की जान और सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। प्रशासन अब क्षेत्र में सक्रिय अन्य फर्जी डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।




