रीवा के टीआरएस महाविद्यालय में छात्र हितों और प्रशासनिक दोहरे मापदंड के विरोध में एनएसयूआई का उग्र प्रदर्शन उस समय सुर्खियों में आ गया, जब प्रदर्शन के दौरान पूर्व महाविद्यालय अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। खुले आसमान के नीचे और कड़ी धूप में चार-पांच घंटे चले इस जोरदार धरने के दौरान डिहाइड्रेशन के कारण नित्कर्ष मिश्रा बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस विरोध प्रदर्शन के पीछे मुख्य चिंगारी टीआरएस कॉलेज के अध्यक्ष शक्ति पाठक को प्राचार्य अर्पिता अवस्थी द्वारा कथित तौर पर हाथ पकड़कर कॉलेज से बाहर किए जाने की घटना बनी थी। इसके साथ ही एनएसयूआई ने कॉलेज में लागू ड्रेस कोड और प्रवेश नियमों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों जैसे हनुमना या मऊगंज से टीसी लेने आने वाली छात्राओं को बिना ड्रेस दोपहर 3 बजे तक रोके रखा जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा और शाम को घर लौटने के लिए वाहन मिलने का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।
छात्र संगठन ने कॉलेज प्रशासन पर खुलकर पक्षपात और भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम केवल आम छात्रों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए समान होने चाहिए। उन्होंने एबीवीपी पर बिना ड्रेस के कैंपेनिंग करने के बावजूद कोई कार्रवाई न किए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया। वहीं, बेहोशी की हालत में नित्कर्ष मिश्रा को अस्पताल ले जाने के दौरान प्राचार्य द्वारा अपनी कुर्सी से न उठने और पूरी तरह असंवेदनशीलता दिखाने पर छात्रों और कार्यकर्ताओं में कड़ा रोष व्याप्त है।




