रीवा। कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में आवेदकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंगलवार को आवेदकों का मानों जनसैलाब पहुच गया हों। लोगो लाइन में खड़े होकर अपनी शिकायत कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी से किए है। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जन सुनवाई तय समय से ज्यादा ढ़ाई बजे तक जारी रही और आवेदक अपनी फरियाद कलेक्टर से करते नजर आए। एक-एक आवेदन पत्रों की सुनवाई रीवा कलेक्टर एवं प्रशासन के अधिकारी करते हुए संबंधितों को निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि नवागत कलेक्टर के आने के बाद जन सुनवाई में ऐसा नजारा देखा जा रहा है।

पेंशन न मिलने से परेशान दिव्यांग कलेक्टर से किया फरियाद
कलेक्टर कार्यालय में आवेदन लेकर पहुचा दिव्यांग पप्पू प्रजापति के दोनों हाथ नही है। वह शरीरिक रूप से भी कंमजोर है, लेकिन इसे बिड़बना ही कहेगे कि उसे शासन से मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन 600 रूपए अक्टूबर 2025 से नही मिल पा रही है और वह बंद पेंशन को चालू करवाने के लिए मारा-मारा फिर रहा है। मंगलवार को वह कलेक्टर नरेन्द्र प्रजापति की दरवार में पहुचा और पेंशन दिलाए जाने की मांग किया है। उसने बताया कि पंचायत कर्मी से लेकर जनपद कार्यालय तक बंद पेशन को चालू करवाए जाने की मांग कर चुका है, लेकिन उसे न्याय नही मिला।
85 वर्षीय वृद्ध को कलेक्टर दरवार में मिला न्याय
त्यौथर तहसील के रायपुर गांव से 85 वर्षीय वृद्ध रामशिरोमणि मिश्रा अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर कार्यालय के जन सुनवाई में पहुचे थें। उन्हे सुनाई नही दे रहा था। जिस पर कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने तत्काल कान की हेयरिंग मशीन के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर आदेश पर जिला दिव्यांग पुर्नवास केन्द्र ने वृद्ध को मशीन उपलब्ध करवाई, तो वही वृद्ध ने अपनी जमीन संबंधी समस्या कलेक्टर को बताई हैं। कलेक्टर ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए त्यौथर के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे वृद्ध के घर में जाकर उनकी समस्या का निदान करें। जिस पर वृद्ध ने कलेक्टर के सामने ही उनके जयकारे लगाने लगा।




