मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। जिले की गायत्री नगर कॉलोनी में पिछले 10 दिनों से लगभग 100 परिवार कमर तक भरे पानी के बीच अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। कॉलोनी का मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों और आपातकालीन स्थितियों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लगातार जलभराव के चलते दैनिक उपयोग की वस्तुओं की भारी किल्लत हो गई है और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार पर भी हालात ऐसे थे कि बच्चियों के सामने अपने भाइयों को राखी बांधने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत सामग्री और आवागमन के ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके अलावा, कई दिनों से जमा गंदे पानी के कारण अब क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा भी तेजी से मंडरा रहा है।
दूसरी ओर, पूरे विंध्य अंचल में सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण जोरदार बारिश का दौर लगातार जारी है। मंगलवार सुबह से हुई झमाझम बारिश ने रीवा शहर को एक बार फिर जलमग्न कर दिया, जिससे सिरमौर चौराहे पर घुटने तक पानी भर जाने से फल-सब्जी मंडी पूरी तरह लबालब हो गई। नेहरू नगर, नया बस स्टैंड और अन्य प्रमुख मुख्य मार्गों पर भारी जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह बाधित हुआ और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रीवा के साथ-साथ सतना, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जैसे पड़ोसी जिलों में भी तेज बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों के दौरान रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस नई चेतावनी के बाद फिलहाल स्थानीय लोगों को जलभराव और आवाजाही की गंभीर समस्याओं से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है, और प्रशासन के सामने भी राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।




