रीवा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय नेताओं के बीच उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। थाना गेट पर भाजपा नेता बंसीलाल साहू और थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल के बीच हुए तीखे विवाद का मामला पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस और नेताओं के बीच तनाव साफ तौर पर देखा जा सकता है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने एक आइसक्रीम ठेले से 12 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप जब्त कर पुनीत साहू नाम के एक युवक को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के विरोध में भाजपा नेता बंसीलाल साहू और उनके समर्थक युवक को निर्दोष बताते हुए जांच की मांग लेकर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि जब पुलिस ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया, तो भाजपा नेता समर्थकों के साथ थाने के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच माहौल गर्मा गया।
मामले ने तूल पकड़ा जब साहू समाज के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। साहू समाज के जिलाध्यक्ष बंशीलाल साहू ने पुलिस पर समाज के लोगों को फंसाने और नशे की तस्करी का फर्जी मामला दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल पर अभद्र व्यवहार करने, हाथ पकड़कर उठाने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल निलंबन की मांग की है।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का पक्ष है कि थाने के गेट पर बैठकर सरकारी काम में बाधा डालना और भीड़ के जरिए दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित है। इस पूरे घटनाक्रम पर आईजी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, साहू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




