रीवा: संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) में इलाज में लापरवाही के चलते बेटी कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की दर्दनाक मौत का मामला अब और गंभीर हो गया है। प्रशासन की लीपापोती से आहत पीड़ित पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने सिरमौर चौराहा पर तंबू लगाकर आज सुबह से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
पैसे न देने पर साजिश के तहत जान लेने का आरोप
पीड़ित पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ऑपरेशन के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की गई थी और पैसे न दे पाने के कारण साजिश के तहत उनकी बेटी की जान ले ली गई। पिता का कहना है कि इस बड़े मामले में लीपापोती करने के लिए केवल दो कर्मचारियों को निलंबित कर इतिश्री कर ली गई है।
दो लाख का मुआवजा ठुकराया, सिर्फ ‘न्याय’ की मांग
सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कोष से घोषित 2 लाख रुपये की सहायता राशि को पीड़ित पिता ने यह कहकर ठुकरा दिया है कि उन्हें पैसों की नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ न्याय की दरकार है। उनका कहना है कि मुआवजा उनके जख्मों पर मरहम नहीं लगा सकता। अनशन पर बैठे पिता ने शासन-प्रशासन के सामने दो टूक मांगें रखी हैं: पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।लापरवाह दोषियों के खिलाफ हत्या का आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उनकी तुरंत गिरफ्तारी हो। भविष्य में किसी अन्य बेटी के साथ ऐसा वीभत्स अन्याय न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई हो।
प्रशासनिक फेरबदल और कार्रवाई
गौरतलब है कि इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे आदेश जारी कर SGMH अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया था, लेकिन इसके बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।




