MP में सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे खेल परिसर, 940 करोड़ रुपये का प्रावधान

MOHAN

भोपाल। मध्य प्रदेश में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाने की योजना है। इसके लिए करीब 940 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन परिसरों के बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खेल, बिजली, परिवहन और हवाई संपर्क से जुड़े कई फैसले लिए गए। खेल परिसरों को विधानसभा मुख्यालय या उसके आसपास उपलब्ध जमीन के आधार पर विकसित करने की योजना है। जहां करीब 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां इनडोर और आउटडोर सुविधाओं वाला खेल परिसर बनाया जाएगा।

इनडोर-आउटडोर सुविधाओं से लैस होंगे खेल परिसर

प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 10 एकड़ जमीन वाले स्थानों पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से खेल परिसर विकसित किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के अभ्यास के साथ कोच और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

सरकार का उद्देश्य विधानसभा स्तर पर खेल का माहौल तैयार करना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास की बेहतर सुविधा देना है।

25 सितंबर से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर भी फैसला लिया गया। इस सेवा की शुरुआत 25 सितंबर से होगी। पहले चरण में 350 से ज्यादा बसें चलाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल से बसों को हरी झंडी दिखाएंगे और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी है।

योजना के तहत मार्च तक करीब 1000 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 2030-31 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसें चलाने की योजना है। इस व्यवस्था में निजी बस संचालकों की भागीदारी होगी, जबकि निगरानी सरकार की रहेगी।

इंदौर-जबलपुर के बीच चार बड़े गलियारों की योजना

कैबिनेट में इंदौर से जबलपुर के बीच चार बड़े गलियारों के विकास की योजना पर भी फैसला लिया गया। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दोनों प्रमुख शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

सिंगरौली और रतलाम में हवाई अड्डे विकसित करने की तैयारी

सरकार ने सिंगरौली और रतलाम की मौजूदा हवाई पट्टियों को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है। दोनों स्थानों को उड़ान योजना से जोड़ने की तैयारी भी है। इससे इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

2800 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी

प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए करीब 2800 मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा करीब 9061 करोड़ रुपये की योजनाओं को जारी रखने की अनुमति देने का निर्णय भी लिया गया।

कैबिनेट के इन फैसलों में खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ परिवहन, बिजली और हवाई संपर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

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