मऊगंज: जिले के मलकपुर जंगल में बिजली के करंट से एक मादा हाथी की दर्दनाक मौत के मामले में वन विभाग की टीमों ने लगातार दो दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मंगलवार दोपहर उसके साथ घूम रहे दूसरे नर हाथी को भी सुरक्षित पकड़ लिया है। पिछले करीब छह महीने से रीवा, मऊगंज और सीधी क्षेत्रों में विचरण कर रहे इस जंगली जोड़े में से मादा हाथी की शनिवार रात करंट लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया गया था।
चार प्रशिक्षित हाथियों की मदद से हुआ रेस्क्यू
साथी की मौत के बाद अकेला पड़ चुका दूसरा नर हाथी आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंचे, इसके लिए वन विभाग ने एहतियात बरतते हुए बांधवगढ़ और संजय टाइगर रिजर्व से चार प्रशिक्षित हाथियों—चित्रा, बापू, रामा और सूर्या को बुलाया था। इनकी मदद से सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर नर हाथी को अंततः बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है।
पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने उठाए सवाल, जन आंदोलन की चेतावनी
इस पूरी घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने वन विभाग और बिजली व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब हाथियों की मौजूदगी के चलते लंबे समय से उस क्षेत्र में बिजली बंद रखी जाती थी, तो घटनास्थल पर खुले तारों में करंट कैसे पहुंचा। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।




