रीवा। शासकीय ठाकुर रणमत सिंह (TRS) महाविद्यालय के सभागार में 17 अप्रैल 2026 को ‘शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ’ की संभागीय बैठक एक गरिमामय और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में रीवा संभाग के कोने-कोने से आए प्राध्यापकों ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में संघ के संरक्षक डॉ. कैलाश त्यागी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा एवं उच्च शिक्षा रीवा संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. महेन्द्रमणि द्विवेदी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रमुख मांगों पर केंद्रित रहा एजेंडा
बैठक के दौरान प्राध्यापकों ने शैक्षणिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। रीवा जिला अध्यक्ष डॉ. अखिलेश शुक्ल और सचिव डॉ. बी.पी. सिंह के नेतृत्व में विभिन्न जिलों से आए प्रबुद्ध प्राध्यापकों ने निम्नलिखित ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया:
- वेतनमान विसंगति: वरिष्ठ एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान का समय पर लाभ।
- अकादमिक लाभ: पीएच.डी. इन्क्रीमेंट और परिवीक्षा अवधि (Probation Period) की गणना।
- तकनीकी बाधाएं: ‘सार्थक’ ऐप में उपस्थिति दर्ज करने के समय में व्यवहारिक बदलाव।
- संवर्ग की समस्याएं: पदनामित प्राध्यापकों, ग्रंथपालों और क्रीड़ाधिकारियों की लंबित मांगें।

शासन स्तर पर निराकरण का मिला आश्वासन
मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश त्यागी ने प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की रीढ़ प्राध्यापक ही हैं, अतः उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संघ इन मुद्दों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएगा। वहीं, अतिरिक्त संचालक डॉ. महेन्द्रमणि द्विवेदी ने विभाग की ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया।
प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने स्वागत उद्बोधन में इस आयोजन को शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक समन्वय के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अश्वनी द्विवेदी ने किया और अंत में डॉ. भारतेन्दु मिश्र ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस सफल बैठक ने संभाग के प्राध्यापकों के बीच एकजुटता का नया संचार किया है।
