नारी शक्ति वंदन विषय पर मध्य प्रदेश विधानसभा में चर्चा, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट

मध्य प्रदेश विधानसभा। मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को चल रहा है। सदन में ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के बीच हंगामा हुआ तो कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने वॉकआउट को लेकर कहा कि बीजेपी महिलाओं की बात तो करती है, लेकिन जब आरक्षण लागू करने की बात आती है तो उसे परिसीमन के बाद लागू करने की बात कहती है।

ट्रैक्टर से विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह

मध्य प्रदेश विधानसभा के 27 अप्रैल के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह अलग अंदाज में नजर आए। वे ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि ट्रैक्टर को बाहर ही रोक दिया गया, लेकिन वे अंदर गेहूं की बालें लेकर पहुंचे और किसानों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। अभिजीत शाह ने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार किसानों से गेहूं 2735 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, तो मध्य प्रदेश में किसानों को कम कीमत क्यों दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है, लेकिन किसानों की परेशानियों पर भी गंभीरता से बात होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री बोले- विषय से भटकना ठीक नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में एक महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा हो रही है और दोनों पक्ष अपने विचार रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में महिलाओं के अधिकारों के लिए समय-समय पर संघर्ष हुए हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण लागू कर इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विषय से भटकने के बजाय चर्चा को केंद्रित रखना जरूरी है।

महिलाओं को बड़ा झटका लगा

मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि संसद में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक आकांक्षाओं को पंख मिलेंगे, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि विधि शास्त्र का नियम है—जहां अधिकार है, वहीं उपचार है। इसी अधिकार को देने का प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, लेकिन कांग्रेस ने करोड़ों महिलाओं का अपमान किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा भाजपा महिला आरक्षण टाल रही है

विधानसभा में वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार के शासकीय संकल्प पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय परिसीमन के बाद टालना चाहती है। सिंघार ने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव में साफ है कि आरक्षण 2028-29 के बाद, परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि यह महिलाओं को तत्काल लाभ देने की मंशा नहीं दिखाता। उन्होंने बताया कि विपक्ष की मांग है कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा में तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए।

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