बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग, उमंग सिंघार ने PM को लिखा पत्र

बालाघाट। मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सिंघार ने कहा कि सरकार नक्सलवाद समाप्त कर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर बालाघाट में जमीनी हालात अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। आदिवासी और जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा समेत मूलभूत सुविधाओं की आज भी गंभीर समस्या बनी हुई है।

PM को लिखे पत्र में तत्काल हस्तक्षेप की मांग

PM को लिखे पत्र में सिंघार ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और मध्य प्रदेश सरकार को समयबद्ध कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है। सिंघार ने पत्र में लिखा है कि बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की हो रही मौतें बेहद पीड़ादायक और गंभीर चिंता का विषय हैं।

मलेरिया, खसरा और संक्रमण के साथ कुपोषण भी चिंता का विषय

सिंघार ने कहा कि बालाघाट में पिछले कई महीनों से मलेरिया, खसरा और अन्य संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही कुपोषण, दूषित पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की कमी भी चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल है। इसके लिए केंद्र सरकार की PM-JANMAN योजना के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उपचार योग्य बीमारियों से बच्चों की मौत होना योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

30 बच्चों की मौत, उच्चस्तरीय जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मांग की है कि इस मामले की जल्द उच्चस्तरीय चिकित्सकीय जांच कराई जाए। साथ ही विशेषज्ञों की टीम को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रभावित ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और पोषण सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।

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