भोपाल। भोपाल में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर धरना दे रहे अभ्यर्थियों के बीच शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना। अभ्यर्थी भर्ती में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग को लेकर पिछले तीन साल से आंदोलन कर रहे हैं।
तीन साल से चल रहा संघर्ष
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा पद जोड़ने और दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद भर्ती में कम पद शामिल किए गए हैं। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थियों का धरना लगातार जारी है।
कल रोका था शिवराज का काफिला
इससे एक दिन पहले गुरुवार को शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोककर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा था। अभ्यर्थियों ने कहा था कि शिक्षक भर्ती उनके कार्यकाल में निकली थी, इसलिए वे अपनी मांगों को लेकर उनसे मिलने पहुंचे हैं।
सीएम को ज्ञापन सौंप पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी ज्ञापन सौंपकर शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में जितने पद निकाले गए हैं, उनकी तुलना में विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। ऐसे में इन रिक्त पदों को भर्ती में शामिल किया जाना चाहिए।
रिक्त पद होने के बाद भी कम भर्ती
अभ्यर्थियों के मुताबिक 27 दिसंबर 2024 तक स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के 99,197 और प्राथमिक शिक्षकों के 1,31,152 पद खाली थे। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के 43,734 और प्राथमिक शिक्षकों के 54,625 पद रिक्त बताए गए थे।
इसके बावजूद वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षक के 10,800 और प्राथमिक शिक्षक के 13,089 पद ही शामिल किए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बाद भी भर्ती में कम पद रखे गए हैं।
15 हजार नए पद जोड़ने की मांग
अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में 15 हजार अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बजट में प्रस्तावित इन पदों को भी मौजूदा भर्ती में शामिल किया जाए, ताकि ज्यादा अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब वे सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग पर जल्द निर्णय लेने की उम्मीद कर रहे हैं।




