भोपाल। ‘कौन कहता है आकाश में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।’ ये पंक्तियां राजगढ़ के बिट्टू तबाही की मेहनत पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जिस नदी की सफाई एक बड़ी चुनौती थी, उसे साफ करने का बीड़ा 20 साल के एक युवा ने अकेले उठाया। अपनी मेहनत और लगातार प्रयास से बिट्टू ने अजनार नदी की तस्वीर बदल दी।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी सोशल मीडिया पर बिट्टू तबाही के नाम से फेमस हैं। उन्होंने गंदगी से पटी अजनार नदी की सफाई की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई और अकेले ही इस अभियान की शुरुआत की।
अकेले ही की शुरुआत
गौर करने वाली बात यह है कि बिट्टू तबाही ने इस साल 26 जनवरी को अजनार नदी की सफाई का बीड़ा उठाया था। 20 साल के बिट्टू ने नदी में जमा मलबा और कचरा हटाने का फैसला किया।
सफाई के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नदी की सफाई करते समय उनका सांपों से भी सामना हुआ। कई बार उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हुईं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सफाई का काम जारी रखा।
सीएम ने मिलने बुलाया
नदी की सफाई के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिट्टू के काम की हर तरफ तारीफ होने लगी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिट्टू को मिलने के लिए बुलाया।
मुख्यमंत्री ने बिट्टू के काम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नदी की सफाई नहीं है, बल्कि यह विश्वास है कि किसी भी बड़े बदलाव के लिए भीड़ की जरूरत नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक अकेला युवा अपने दम पर नदी को बचाने का संकल्प ले सकता है, तो हम सब मिलकर अपने जल स्रोतों को कितना सुंदर और जीवनदायी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का असली मकसद भी यही है—जल स्रोतों का संरक्षण, उनका पुनर्जीवन और इसमें आम जनता की भागीदारी।
बिट्टू ने सफाई अभियान की तस्वीरें दिखाईं
इस पूरे अभियान की शुरुआत तब हुई, जब बिट्टू ने सफाई के दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। इसके बाद चारों तरफ उनके काम की चर्चा होने लगी और लोगों ने उनकी जमकर सराहना की।
जब कुछ लोगों ने उनके सफाई अभियान के वीडियो को AI से बनाया हुआ बताया, तो बिट्टू ने सफाई से पहले और बाद के वीडियो भी शेयर किए। इन वीडियो में नदी की पहले और अब की स्थिति का अंतर साफ नजर आया।
प्रशासन और स्थानीय लोगों ने की मदद
बिट्टू की मेहनत को देखकर ब्यावरा प्रशासन भी आगे आया और अभियान में सहयोग किया। नगर पालिका के सब-इंजीनियर रूपेश कुमार नेताम ने बताया कि पालिका इस अभियान में उनका पूरा साथ दे रही है। कचरा और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं।प्रशासन ने नदी से पुराना कचरा, मलबा और पॉलीथिन हटाने के लिए पोकलेन मशीन तैनात की है।
असली चुनौती: गंदा पानी रोकने के लिए STP का प्रस्ताव
हालांकि, नदी की सफाई के बाद भी एक बड़ी चुनौती अभी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के प्रदूषण की असली वजह इसमें लगातार मिलने वाला गंदा पानी है। ब्यावरा नदी में कुल पांच बड़े नाले सीधे गंदा पानी गिराते हैं।
इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए नगर पालिका ने तैयारी शुरू कर दी है। सब-इंजीनियर रूपेश कुमार नेताम ने बताया कि गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए करीब ₹14.77 करोड़ की लागत से STP बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
STP बनने के बाद नदी में गंदा पानी जाने से रोकने में मदद मिलेगी। इससे नदी के प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम किया जा सकेगा।




