चित्रकूट। भगवान राम की वनवास स्थली रही चित्रकूट में व्यापक पैमाने पर बंदर आज भी विचरण करते है, लेकिन इन दिनों बंदरों के मौत की जानकारी आने से क्षेत्र में हड़कम्प मचा हुआ है। बंदरो के मौत की फोटो और वीडियों लोग डाल रहे है। जो खबरें आ रही है उसके तहत अब तक दो दर्जन बंदरों के शव पाए गए है। सूचना मिलने पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है और बंदरों की हो रही मौत के सबंध में जानकारी ले रही है।
कुशवाहा बस्ती में मृत मिले 24 बंदर
जानकारी के तहत बंदरों के मौत की यह घटना चित्रकूट के शहर कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर चौकी क्षेत्र में कुशवाहा बस्ती की बताई जा रही है। यहा तकरीबन 24 बंदरों के मृत शव पाए गए है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारी बंदरों के शव का पीएम करवाने के साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देख रही है। जिससे यह पता लग सकें कि मृत हुए बंदरों के साथ किस तरह की घटना घटी होगी। वही जांच टीम को आशंका है कि करंट लगने के कारण बंदरों की मौत हो रही है।
बंदरों के लिए है आश्रय स्थल
आदिकाल से चित्रकूट बंदरों के लिए आश्रय स्थल के रूप में रहा है। बदरों को हनुमान का रूप माना जाता है। चित्रकूट पहुचने वाले श्रद्धालुओं के लिए बंदरों से भी एक अलग तरह का लगाव रहता है। बंदरो की मौत से हर भक्त चकित है, आखिर कार बंदरों की मौत कैसे हो रही है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बंदरों की मौत करंट से हुई या फिर बंदरों में कोई बीमारी तो नही फैल रही है। जिससे उनकी मौत हो रही है। प्रशासन बंदरों की मौत को लेकर गंभीर हो गया है और जांच रिर्पोट आने पर ही बंदरों के मौत और मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
