रीवा। शहर के सिरमौर चौराहे पर बीती शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक ऑटो चालक दो महिलाओं के सोने-चांदी के जेवरात और कपड़ों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गया। घटना उस वक्त हुई जब पीड़िताएं एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। बैग में रखे जेवरात की कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चे को संभालने के दौरान मौका पाकर भागा चालक
पीड़िता सिम्पी सिंह निवासी अजगरहा ने बताया कि वह अपनी बहन सुमन सिंह के साथ भतीजे के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए अमरपाटन के धमना गांव जा रही थीं। दोनों बहनें अजगरहा से ऑटो में सवार हुई थीं। जैसे ही ऑटो सिरमौर चौराहे पहुँचा, दोनों बहनें नीचे उतरीं। सुमन सिंह के साथ उनका 8 साल का बच्चा भी था। जैसे ही सुमन बच्चे को संभालने और ऑटो से उतारने लगीं, चालक बैग सहित वाहन लेकर तेजी से फरार हो गया। महिलाओं ने शोर मचाया और पीछे दौड़ने की कोशिश भी की, लेकिन चालक की रफ्तार के आगे वे बेबस रहीं।
15 लाख के जेवरात पर साफ किया हाथ
पीड़िताओं के अनुसार, ऑटो चालक ने बैग को पीछे रखवाया था ताकि बैठने में आसानी हो। सुमन सिंह ने बताया कि बैग में दो तोले का हार, दो तोले का रानी हार, बेदी, बेसर, करधन, झुमका और भारी चांदी की पायल समेत अन्य कीमती सामान मौजूद था। शादी वाले घर जा रही बहनों के पास मौजूद इन जेवरातों की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये है।
पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराजगी
घटना के तुरंत बाद पीड़ित महिलाएं पुलिस की मदद के लिए भटकती रहीं। उनका आरोप है कि वे पहले अमहिया थाने गईं, लेकिन वहाँ से उन्हें टाल दिया गया। बाद में जब वे संबंधित थाने पहुँचीं, तो वहाँ भी तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें अगले दिन सीसीटीवी फुटेज चेक करने के लिए आने को कहा गया। हालांकि, पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों को खंगालने की बात कह रही है, लेकिन ऑटो का नंबर स्पष्ट न होने के कारण फिलहाल कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
शहर में बढ़ता अपराध ग्राफ
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर सिविल लाइन और चोरहटा थाना क्षेत्र में चेन स्नेचिंग की दो बड़ी वारदातें हो चुकी हैं। अब सरेराह ऑटो चालक द्वारा जेवरात से भरा बैग पार करने की इस घटना ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। स्थानीय लोगों में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर काफी रोष देखा जा रहा है।
