सतना। पंजाब की एक महिला से 6 करोड़ रुपये की वैशाखी बंपर लॉटरी का झांसा देकर 39.24 लाख रुपये हड़पने वाले साइबर ठगों की तलाश में पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम टीम सतना पहुंची। करीब 15 महीने तक चली लंबी जांच और तकनीकी इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से सतना शहर के कोलगवां थाना अंतर्गत भरहुत नगर में दबिश दी। हालांकि, मौके पर पहुंचने पर पुलिस के हाथ निराशा लगी, क्योंकि ठगों द्वारा इस्तेमाल किया गया पता पूरी तरह से फर्जी निकला।
यह पूरा मामला पंजाब के गुरदासपुर जिले का है। गुरदासपुर के भैणी मियां खां थाना क्षेत्र की निवासी 38 वर्षीय कंवलप्रीत कौर ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अप्रैल महीने में उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था, जिसमें उन्हें वैशाखी बंपर लॉटरी में 6 करोड़ रुपये जीतने का दावा किया गया। इस भारी-भरकम राशि के लालच में आकर पीड़िता ने जालसाजों के कहे अनुसार रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर अलग-अलग खातों में कुल 39,24,900 रुपये जमा करा दिए। जब लंबे समय तक लॉटरी की राशि नहीं मिली, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
मामला दर्ज होने के बाद गुरदासपुर साइबर पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की गहनता से पड़ताल शुरू की। करीब 15 महीने की मशक्कत के बाद पुलिस को मध्यप्रदेश के सतना और मैहर जिले से जुड़े सुराग मिले। इसी आधार पर पंजाब पुलिस की टीम शनिवार को सतना के भरहुत नगर पहुंची। जिस पते पर दबिश दी गई, वहां आबकारी विभाग के एक लिपिक अपने परिवार के साथ रहते मिले और आसपास भी विभाग के कर्मचारियों के ही मकान थे। गहन पूछताछ के बाद स्पष्ट हो गया कि शातिर अपराधियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उस पते का इस्तेमाल किया था।
सतना में पता फर्जी निकलने के बाद पंजाब पुलिस ने तुरंत तकनीकी डेटा को फिर से खंगाला और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। नए इनपुट के आधार पर आरोपी का नया और संभावित ठिकाना मैहर जिले के अमरपाटन थाना अंतर्गत धौरहरा गांव में मिला है। इसके बाद पंजाब पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी की धरपकड़ के लिए मैहर के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।




