Congress Vote Chori : क्या Congress का Vote Chori यूपी में दिलाएगा जीत? समझिये पूरा गणित 

Congress Vote Chori : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस यूपी में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने में जुटी हुई है। कांग्रेस लगातार वोट चोरी, SIR में गड़बड़ी और ज्ञानेश कुमार के मामले को पार्टी के मुख्य चुनावी मुद्दे बनाकर पेश कर रही है। ज्ञानेश कुमार के मामले को लेकर कांग्रेस के साथ सीजेपी तक ने देश भर में बवाल मचा दिया।

लखनऊ में कांग्रेस ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया 

कांग्रेस ने 21 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में वोट चोरी के मुद्दे को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का मुख्य एजेंडा बनाकर पेश कर दिया है, जिसमें कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम पाल और सुप्रिया श्रीनेट मौजूद रहीं। इस बैठक में कांग्रेस ने यूपी के पीलीभीत में वोटर लिस्ट में की गई कथित गड़बड़ी का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने यूपी में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी, EPIC नंबरों के समान रहते हुए नाम बदलने और वोट चोरी का आरोप लगाया। कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने SIR सूची में चुनाव आयोग द्वारा पेश किए आंकड़ों को गलत बताया। चुनाव आयोग पर पीलीभीत में 13 हजार 150 मतदाताओं के नाम फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद उनके नाम बदलने का आरोप मढ़ा। साथ ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करने की मांग की।

कांग्रेस ने पीलीभीत में 13150 वोटर्स के नाम कटने का किया जिक्र 

प्रेस वार्ता में मौजूद, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेट ने भी वोट चोरी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र के 13 हजार 150 मतदाताओं के नाम बदले जाने का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग वोट चोरी के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है। जिसमें मतदाताओं के EPIC नंबर और सीरियल नंबर नहीं बदलते केवल उनके नाम बदल जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 13हजार 150 मतदाताओं के नाम भी इसी सॉफ्टवेयर से बदले गए हैं। इसमें 804 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए, जबकि 2600 मतदाताओं के नाम सूची में ऐसे जोड़े गए, जो वहां के निवासी हैं ही नहीं हैं। यानी कि कुल 16,554 वोटों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

2022 में पीलीभीत सीट पर हुई थी 16000 वोटों की चोरी 

सुप्रिया श्रीनेट ने इस पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में हुई धांधली को 2022 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी धांधली की गई थी।.पीलीभीत सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार संजय गंगवार सपा उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह गैंगवार से केवल 6,930 वोटों के अंतर से जीते थे। पीलीभीत सीट के इस चुनावी आंकड़े को समझाते हुए सुप्रिया श्रीनेट ने सीधी तौरिए चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए इस विधानसभा क्षेत्र में 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर करने का आरोप लगाया और चुनावी परिणाम बदलने का इसे भजापा का पैटर्न बताया।

उम्मीदवार का नाम          पार्टी मिले कुल वोट      वोट प्रतिशत (%)
संजय सिंह गंगवार (विजेता) BJP 1,25,506 48.08%
शैलेंद्र सिंह गंगवार SP 1,18,536 45.41%
शेन अली (शाने अली) BSP 12,099 4.64%
नोटा (NOTA) – 1,188 0.46%

30 करोड़ वोटर के नाम हटाए गए – सुप्रिया श्रीनेट 

सुप्रिया श्रीनेट ने आगे भी चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कहने को 2 करोड़ 4 लाख वोटरों के नाम कटे। लेकिन असल में 3 करोड़ 30 लाख वोट गायब कर दिए गए। 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 41 लाख वोटर थे। हर साल करीब 42 लाख वोटरों का नेट एडीशन होता है। 2024 -2026 के बीच 1 करोड़ 26 लाख वोटर जुड़ने चाहिए थे। इस हिसाब से साफ है कि 2 करोड़ 4 लाख नहीं बल्कि 3 करोड़ 30 लाख वोटर डिलीट हुए हैं।

EC ने भाजपा के लिए की वोटों की सफाई 

सुप्रिया श्रीनेट ने कहा कि कांग्रेस के नेता वोट चोरी का मुद्दा सबूतों के साथ उठा रहे हैं। लोकतंत्र की हत्या अभी भी नहीं रुकी है। उन्होंने सपा प्रमुख के बयायों का भी जिक्र किया और कहा कि अखिलेश यादव भी खुद कई बार मंच से विजय नाम के वोटर का मुद्दा उठा चुके हैं। विजय नाम के एक ही व्यक्ति के 10-10 वोट बने हैं। ये चुनाव आयोग की किस तरह की अवैध वोटरों की सफाई है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अवैध वोटरों की सफाई करने के नाम पर SIR इसलिए करा रहा था ताकि भाजपा का वोट बैंक तैयार कर सकें। लेकिन इन सबूतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। सुप्रिया श्रीनेट ने आगामी विधानसभा चुनाव-2027 की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का आने वाला चुनाव फ्री एंड फेयर कैसे होगा। हम कैसे भरोसा करें। ये तो कांग्रेस नेताओं के चुनाव आयोग पर लगाए गए वो आरोप थे, पार्टी ने चुनाव में बड़े मुद्दे बनाकर रणनीति तैयार कर रही है।

लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस ने 43 सीटें जीती थी 

लेकिन यहां, सवाल ये है कि क्या वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार का मुद्दा कांग्रेस और सपा के गठबंधन को यूपी चुनाव में एक बड़ी जीत दिला पाएगा। इसे समझने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणाम को देखना होगा, जहां सपा और कांग्रेस ने साथ में चुनाव लड़ा और दोनों पार्टियों ने 43 सीटों पर जीत दर्ज कर यूपी में भाजपा के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। हालांकि, कांग्रेस ने केवल 6 ही सीटें हासिल की थी लेकिन सपा ने 37 सीटें जीतकर गठबंधन को मजबूत कर लिया था

2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कुल 80 सीटों में से:
• समाजवादी पार्टी (SP) ने 37 सीटें जीती थीं.
• भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने 6 सीटें जीती थीं

बता दें कि उस समय कांग्रेस का चुनावी मुद्दा वोट चोरी के साथ-साथ जातिजनगणना और आरक्षण था। इन चुनावी मुद्दे पर लोकसभा चुनाव में विपक्ष के गठबंधन कांग्रेस और सपा को वोटों के रूप में फायदा मिला था। अब क्योंकि एक बार फिर सपा-कांग्रेस की जोड़ी 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरेगी तो ये सवाल उठता है कि अगर दोनों पार्टी वोट चोरी जैसे मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ती हैं तो क्या 2027 में भी बड़ा फायदा मिल सकता है? 

यह भी पढ़े : OP Rajbhar on Akhilesh Yadav : राजभर ने अखिलेश यादव को दी चुनौती, कहा- आजम खां के हितैषी हो तो मुसलमाल को CM बनाओ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *