नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। होटलों और गेस्ट हाउस में जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वहीं, नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने 37 जगहों पर नाकेबंदी की योजना बनाई है और 15 अस्थायी हिरासत केंद्र तैयार करने की व्यवस्था की है। इसके अलावा, पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद करने तथा कुछ स्टेशनों पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी कम करने का अनुरोध किया है। रेलवे ने भी 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर रोक लगाने का फैसला किया है। इन व्यवस्थाओं के बीच CJP ने साफ किया है कि वह अपना प्रदर्शन वापस नहीं लेगी।
राजस्थान में CJP नेता दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने और मध्य प्रदेश के इटारसी में दिल्ली जा रहे युवाओं को रोके जाने के बाद विवाद और बढ़ गया है। CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली और दूसरे राज्यों में क्या-क्या हो रहा है?
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसमें कई छात्र संगठनों और दूसरे समूहों के शामिल होने की भी बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मामलों की जांच है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, CJP की ओर से सौरव दास ने 7 अक्टूबर को प्रदर्शन की सूचना दी थी, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है। पुलिस ने पिछले प्रदर्शनों के दौरान शर्तों के उल्लंघन और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी हवाला दिया है।
CJP के नेताओं ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। संगठन ने प्रदर्शन से पीछे हटने से इनकार किया है।
BNSS की धारा 163 लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इस धारा के तहत प्रशासन संभावित खतरे या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए लोगों के जमावड़े और कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि इन कदमों का मकसद किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
37 जगहों पर नाकेबंदी, 15 हिरासत केंद्र तैयार
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 37 जगहों पर नाकेबंदी के बिंदु तय किए हैं और 15 अस्थायी हिरासत केंद्र तैयार करने की योजना बनाई है। इन केंद्रों को अलग-अलग पुलिस जिलों के हिसाब से व्यवस्थित किया जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसी वजह से नई दिल्ली समेत कई इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। अलग-अलग जिलों की पुलिस और विशेष इकाइयों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
होटल, हॉस्टल और गेस्ट हाउस में भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ छात्र समूहों से उनके दिल्ली आने के कार्यक्रम के बारे में पूछताछ कर रही है। समूहों में आने वाले लोगों के ठहरने और यात्रा से जुड़ी जानकारी भी जांची जा रही है। पुलिस का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।
57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का अनुरोध
प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं को लेकर भी अहम कदम उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने DMRC से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद करने का अनुरोध किया है। यह व्यवस्था 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर को स्थिति सामान्य होने तक लागू रखने का प्रस्ताव है। कुछ स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम करने का अनुरोध भी किया गया है।
इन संभावित पाबंदियों का असर मध्य दिल्ली और संवेदनशील सरकारी इलाकों के आसपास के मेट्रो स्टेशनों पर पड़ सकता है। हालांकि, पुलिस के अनुरोध और DMRC की ओर से लागू किए गए अंतिम आदेश के बीच अंतर है। इसलिए यात्रियों को सफर से पहले मेट्रो की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनें रद्द
दिल्ली में प्रदर्शन के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने भी बड़ा फैसला लिया है। 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन रद्द किया गया है।
रद्द की गई ट्रेनों में हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशन के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका और यात्रियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इसका असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जिनकी यात्रा 10 अक्टूबर को इन स्टेशनों से होनी है। ऐसे यात्रियों को अपनी ट्रेन का स्टेटस और रेलवे की आधिकारिक सूचना जरूर जांचनी चाहिए।
शराब की दुकानें भी रहेंगी बंद
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 9 और 10 अक्टूबर को खुदरा शराब की दुकानें बंद रखने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा, पुलिस ने बाजारों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और दूसरे स्थानीय समूहों से संपर्क किया है, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
पुलिस का ध्यान उन इलाकों पर भी है जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की आशंका है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
इटारसी में दिल्ली जा रहे 21 युवाओं को रोका
CJP के प्रदर्शन से जुड़ा विवाद केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के इटारसी में रेलवे पुलिस ने दिल्ली जा रहे 21 युवाओं को रोका। रिपोर्टों के मुताबिक, ये युवा पुणे से दिल्ली की ओर जा रहे थे।
रेलवे पुलिस ने उन्हें ट्रेन से उतारकर इटारसी में रोका। युवाओं का कहना था कि वे अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। दूसरी तरफ, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं का हवाला दिया गया। CJP का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों से दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे युवाओं को रोका जा रहा है।
भोपाल में कार्यकर्ताओं को रोके जाने का भी आरोप
CJP ने भोपाल में तेलंगाना के चार कार्यकर्ताओं को रोके जाने का आरोप भी लगाया है। पार्टी का कहना है कि ये कार्यकर्ता दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। हालांकि, इस मामले में पार्टी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का पक्ष स्पष्ट होना बाकी है।
CJP का कहना है कि दूसरे राज्यों में उसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रोकने की घटनाएं आंदोलन को दबाने की कोशिश हैं।
राजस्थान में दीपक बालियान को हिरासत में लेने पर विवाद
राजस्थान में CJP नेता दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने के बाद भी विवाद बढ़ा। पार्टी ने आरोप लगाया कि अलवर जिले में बालियान को उनके घर से उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। CJP ने इसे 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले नेताओं को डराने की कोशिश बताया।
हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान पुलिस ने जबरन हिरासत में लेने के आरोपों को खारिज किया। बाद की रिपोर्टों में बताया गया कि दीपक बालियान को देर रात घर वापस छोड़ दिया गया।
CJP नेताओं ने प्रदर्शन से पीछे हटने से किया इनकार
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने पहले आशंका जताई थी कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले उन्हें, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है।
वहीं, अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन से पीछे नहीं हटने की बात कही है और लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। CJP का दावा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके कार्यकर्ताओं और दूसरे संगठनों के लोगों को रोका जा रहा है। पार्टी ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया है।
ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ है प्रदर्शन
इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। CJP और प्रदर्शन में शामिल होने वाले दूसरे समूहों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, चुनाव आयोग और भाजपा विपक्ष के उन आरोपों को खारिज करते रहे हैं जिनमें मतदाता सूची में बदलाव के पीछे राजनीतिक मंशा होने की बात कही जाती है। उनका कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और मृत, दोहरे या अपात्र मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों की जांच करना है।




