Cholesterol Myth: दरअसल कोलेस्ट्रॉल को लेकर एक नई चर्चा भी शुरू है जिसमें पारंपरिक रूप से अच्छे और बुरे कोलेस्ट्रॉल लेवल के बारे में अधूरा जानकारी ही बताया गया है। हाल ही में एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एचडीएल और एलडीएल के आधार पर हेल्थ का आकलन करना पर्याप्त नहीं बताया गया है बल्कि इसके पीछे की गंभीर प्रक्रिया को भी समझना जरूरी होता है।

सिर्फ HDL और LDL से नहीं तय होती सेहत, Cholesterol Myth
अब तक लोगों में यह आम धारणा रही है कि HDL, good कोलेस्ट्रॉल होता है यानी शरीर के लिए अच्छा होता है। और वही ldl बुरा कोलेस्ट्रॉल यानी हानिकारक होता है। लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह समझ पूरी तरह से सही नहीं है एलडीएल में भी अलग-अलग प्रकार मौजूद होते हैं जिसमें छोटे और घने कण ज्यादा खतरनाक मात्रा में होते हैं जबकि बड़े कण अपेक्षाकृत कम नुकसानदायक ही होते हैं।
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HDL भी हमेशा फायदेमंद नहीं होता है
लोगों को लगता है कि HDL अच्छा कोलेस्ट्रॉल है तो वह हर स्थिति में सही होता है लेकिन वास्तव में इसे हर स्थिति में अच्छा कोलेस्ट्रॉल मानना सही नहीं है यदि व्यक्ति का लाइफस्टाइल खराब है जैसे खराब खान पान, तनाव और नींद की कमी आदि जैसे दिक्कतें हैं। तो HDL सही तरीके से बिल्कुल भी काम नहीं कर पाता है। ऐसे में सिर्फ एचडीएल का उच्च लेवल का होना दिल की सुरक्षा के गारंटी नहीं दे सकता है।
इसमें Inflammation और metabolism का बड़ा रोल है
डॉक्टर की जानकारी के अनुसार शरीर में सूजन यानी इन्फ्लेमेशन और मेटाबॉलिज्म की स्थिति भी हार्ट के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। अगर शरीर में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन है तो कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य होने के बावजूद भी दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह इन्सुलिन रेजिस्टेंस और अधिक सूगर इनटेक भी कोलेस्ट्रॉल लेवल के असर को बदल सकते हैं।
Cholesterol Myth में बदलता नजरिया अब ratios पर ज्यादा जोर
कोलेस्ट्रॉल की नई रिसर्च में यह बात सामने आया है कि सिर्फ कल कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल और एचडीएल देखने से ज्यादा जरूरी है ratio पर ध्यान देना। जैसे ट्राइग्लिसराइड और एचडीएल का अनुपात या फिर नॉन एचडीएल कोलेस्ट्रॉल यह इंडिकेटर ज्यादा सटीक तरीके से हृदय के खतरों को बताते हैं।
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कोलेस्ट्रोल से बचने के लिए संतुलित lifestyle ही असली समाधान
Cholesterol Myth कुछ समझना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे ही हमें पता चलता है कि स्वास्थ्य सिर्फ एक संख्या पर ही निर्भर नहीं करताहै। संतुलित आहार नियमित रूप से व्यायाम और तनाव नियंत्रित करके भी हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर किया जा सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि कोलेस्ट्रॉल को लेकर किसी भी एक पैमाने पर भरोसा करना सही नहीं होता है इसलिए पूरे स्वास्थ्य का ध्यान देना चाहिए। यह जानकारी toi की रिपोर्ट के द्वारा दी जाने वाली जानकारी पर आधारित है।




